लुधियाना में मतदाता सूची पर प्रशासन ने दी स्पष्टता
लुधियाना में मतदाता सूची का मुद्दा
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में मतदाता सूची से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय पर जिला प्रशासन ने स्थिति को स्पष्ट किया है। जिले में लगभग 6.61 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनकी वोटें वर्तमान में 'अनमैप्ड' श्रेणी में हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों के वोट कटने की चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि, जिला उपायुक्त और जिला चुनाव अधिकारी हिमांशु जैन ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और भ्रामक बताया है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में 75.40 प्रतिशत मतदाताओं की सफलतापूर्वक मैपिंग की जा चुकी है, जबकि 24.60 प्रतिशत मतदाता अभी भी अनमैप्ड श्रेणी में हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अनमैप्ड होने का मतलब यह नहीं है कि किसी मतदाता का नाम वोटर सूची से हटा दिया गया है। सभी योग्य मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित हैं और उन्हें मतदान का पूरा अधिकार प्राप्त रहेगा।
अनमैप्ड वोटर्स के लिए अवसर
उन्होंने आगे क्या बताया?
उन्होंने बताया कि अनमैप्ड वोटर्स के पास अपनी जानकारी को अपडेट करने और वोट को मैप कराने के लिए तीन अवसर उपलब्ध होंगे। पहला अवसर तब मिलेगा जब बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। दूसरा अवसर ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने के दौरान मिलेगा। तीसरा अवसर नोटिस जारी होने के बाद उपलब्ध होगा। इन तीनों चरणों में मतदाता अपनी जानकारी सही करवा सकते हैं।
प्रशासन की घोषणा
प्रशासन ने क्या की घोषणा?
प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि 25 जून 2026 से बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन अभियान शुरू करेंगे। इस दौरान मैप्ड और अनमैप्ड दोनों प्रकार के मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा। उनसे आवश्यक दस्तावेज लिए जाएंगे और एनुमरेशन फॉर्म भरवाए जाएंगे ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट किया जा सके।
डीसी हिमांशु जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के बिना नहीं हटाया जा सकता। यदि किसी नाम को हटाने पर विचार किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को पहले आधिकारिक नोटिस भेजा जाता है। उसके जवाब और जांच के बाद ही निर्वाचन अधिकारी अंतिम निर्णय लेते हैं।
सोशल मीडिया पर चेतावनी
प्रशासन ने क्या दी चेतावनी?
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। डीसी ने कहा कि जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने और लोगों में भ्रम पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने की भी चेतावनी दी गई है।