लुधियाना में लापता बच्चों का मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा
लुधियाना में लापता बच्चों का मुद्दा
पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में कई वर्षों से लापता बच्चों का मामला अब मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाया गया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आंकड़ों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया और सुरक्षा प्रबंधों पर नई बहस को जन्म दिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे बच्चों की खोज में बाधा आई। अब इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग जोर पकड़ रही है।
RTI से प्राप्त आंकड़ों का खुलासा
RTI कार्यकर्ता रोहित सभ्रवाल ने 2020 से अप्रैल 2026 तक के आंकड़े एकत्र किए हैं। इस अवधि में 506 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 294 को खोज लिया गया, जबकि 212 बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इसी दौरान अपहरण के 62 मामलों में चार बच्चे अभी भी लापता हैं।
पुलिस पर नियमों की अनदेखी का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के बावजूद थानों में लापता बच्चों के मामलों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि किशोर कल्याण अधिकारी, पैरा लीगल वॉलंटियर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू नहीं की गईं, जिससे जांच में बाधा आई।
मानवाधिकार आयोग से कार्रवाई की मांग
रोहित सभ्रवाल ने पंजाब स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की अपील की है। इसके साथ ही थानों में नियुक्त चाइल्ड वेलफेयर अधिकारियों, उनके प्रशिक्षण और पैरा लीगल वॉलंटियर की तैनाती का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है।
मानव तस्करी का खतरा
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि चार महीने तक बच्चे नहीं मिलते हैं, तो मामलों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को भेजा जाना चाहिए। आरोप है कि कई मामलों में ऐसा नहीं किया गया, जिससे बच्चों के मानव तस्करी के जाल में फंसने का खतरा बढ़ सकता है। इस पहलू की भी गहन जांच की मांग की गई है।
पुरानी फाइलों की समीक्षा की संभावना
मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज होने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि वर्षों से लंबित मामलों की फिर से समीक्षा की जाएगी। बच्चों की खोज को तेज करने और सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर अब सभी की नजर आयोग और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर है।