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उदयपुर में 23 जहरीले रसल वाइपर का अनोखा रेस्क्यू

उदयपुर के ढिकली गांव में एक अनोखा वन्यजीव रेस्क्यू हुआ, जहां 23 जहरीले रसल वाइपर सांपों को एक ट्यूबवेल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में 22 नवजात सांप और उनकी मां शामिल थीं। रेस्क्यू टीम ने सावधानी से सभी सांपों को बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ा। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे लोग हैरान हैं कि एक ही स्थान पर इतने सांप कैसे हो सकते हैं।
 

राजस्थान में अद्भुत वन्यजीव रेस्क्यू


राजस्थान: उदयपुर के प्रतापनगर क्षेत्र के ढिकली गांव में एक असाधारण वन्यजीव रेस्क्यू का मामला सामने आया है। यहां एक ट्यूबवेल के अंदर से 23 जहरीले रसल वाइपर सांपों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। इनमें 22 नवजात सांप और उनकी मां, एक वयस्क मादा सांप शामिल हैं।


ट्यूबवेल चेंबर से निकले सांपों का समूह

सूचना मिलने पर वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। टीम के प्रमुख डॉ. चमन सिंह चौहान और उनके सहयोगी लक्ष्मी लाल गमेती ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया। शुरुआत में चेंबर में केवल एक सांप दिखाई दिया, लेकिन रेस्क्यू के दौरान पूरा परिवार बाहर आया। टीम ने सभी सांपों को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला।


एक स्थान पर 23 रसल वाइपर का रहस्य

डॉ. चमन सिंह चौहान ने बताया कि रसल वाइपर सांप अंडे नहीं देते, बल्कि सीधे बच्चों को जन्म देते हैं। इनका प्रजनन आमतौर पर नवंबर में शुरू होता है और जून-जुलाई में बच्चे पैदा होते हैं। इस बार मादा सांप ने अपने 22 बच्चों के साथ ट्यूबवेल चेंबर में शरण ली थी। रसल वाइपर भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक माने जाते हैं, और इनका जहर अत्यंत खतरनाक होता है। इसलिए लोगों को इनसे दूरी बनाए रखनी चाहिए, हालांकि ये आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते जब तक उन्हें खतरा न महसूस हो।


सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

रेस्क्यू टीम ने इस पूरे अभियान के दौरान बहुत सावधानी बरती। सांपों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया। इस दुर्लभ रेस्क्यू की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग इस घटना को देखकर हैरान हैं कि एक ही स्थान पर इतने सारे सांप एक साथ कैसे हो सकते हैं।