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जयपुर नगर निगम चुनाव: मेयर पद के लिए पांच प्रमुख दावेदार

जयपुर नगर निगम चुनाव के परिणाम आ चुके हैं, जिसमें भाजपा ने 78 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया है। मेयर पद के लिए पांच प्रमुख दावेदारों के नाम चर्चा में हैं, जिनमें सुनील कोठारी, शैलेन्द्र भार्गव, पुनीत कर्णावत, विमल अग्रवाल और भवानी सिंह राजावत शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व इन नामों पर विचार कर रहा है, और जल्द ही निर्णय की उम्मीद है। जानें इन दावेदारों के बारे में और किसका नाम सबसे आगे है।
 

जयपुर नगर निगम चुनाव परिणाम

जयपुर: जयपुर नगर निगम चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। 150 वार्डों में भाजपा ने 78 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त कर लिया है, जबकि कांग्रेस को 53 वार्ड मिले हैं। अब सबसे बड़ी चर्चा मेयर पद को लेकर है। इस कुर्सी पर कौन बैठेगा, इस पर पार्टी के अंदर मंथन जारी है।


जयपुर मेयर पद के लिए सस्पेंस

भाजपा के चुने हुए पार्षद वर्तमान में पार्टी की बैठकों में व्यस्त हैं। प्रदेश नेतृत्व मेयर पद के लिए संभावित नामों पर विचार कर रहा है। पहले चर्चा में आए दो नाम, ज्योति खंडेलवाल और विमल कटियार, चुनाव हार गए हैं, जिससे अब स्थिति बदल गई है। अब पांच नए नाम चर्चा में हैं।


पांच दावेदारों की सूची

सुनील कोठारी: वार्ड 112 से चुने गए, जेम्स और ज्वेलरी के बड़े कारोबारी हैं। तीन दशकों से भाजपा से जुड़े हैं और प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। यदि पार्टी व्यापारिक वर्ग को ध्यान में रखे, तो कोठारी एक मजबूत दावेदार बन सकते हैं।


शैलेन्द्र भार्गव: संघ से जुड़े माने जाते हैं और जयपुर शहर अध्यक्ष रह चुके हैं। यदि भाजपा एक ऐसा चेहरा चाहती है जिस पर विवाद कम हो, तो भार्गव का नाम आगे आ सकता है।


पुनीत कर्णावत: पूर्व उप महापौर, लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं। यदि पार्टी को एक मजबूत राजनीतिक चेहरा चाहिए, तो कर्णावत की दावेदारी मजबूत हो सकती है।


विमल अग्रवाल: जयपुर में वैश्य समाज भाजपा का बड़ा वोट बैंक है। यदि पार्टी इस सामाजिक समीकरण को साधना चाहती है, तो अग्रवाल का नाम सामने आ सकता है।


भवानी सिंह राजावत: सामाजिक समीकरणों को देखते हुए उनका नाम भी चर्चा में है। यदि पार्टी जाति और क्षेत्र के संतुलन को प्राथमिकता देती है, तो राजावत की किस्मत खुल सकती है।


निर्णय की प्रतीक्षा

अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पार्टी नेतृत्व इन पांचों नामों पर विचार कर रहा है। संगठन, सामाजिक समीकरण और सरकार के साथ तालमेल को ध्यान में रखते हुए अंतिम नाम का चयन किया जाएगा। जयपुर के लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि मेयर की कुर्सी पर कौन बैठेगा। यह निर्णय जल्द ही आने की उम्मीद है, तब तक ये पांच नाम चर्चा का केंद्र बने रहेंगे।