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जयपुर में सरकारी स्कूल की पुरानी इमारत का ध्वस्तीकरण, नया भवन निर्माण शुरू

जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल की पुरानी इमारत को गिरा दिया गया है। सरकार ने नए भवन के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। यह कदम तब उठाया गया जब स्कूल की पुरानी इमारत को असुरक्षित घोषित किया गया था। 18 बच्चों की पढ़ाई अस्थायी व्यवस्था में चल रही थी। इस मामले में राजनीतिक विवाद भी हुआ था। ग्रामीणों ने नए भवन के निर्माण का स्वागत किया है और इसे बच्चों के हित में बताया है।
 

जयपुर में स्कूल की इमारत का ध्वस्तीकरण


जयपुर: जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल की पुरानी और खस्ताहाल इमारत को बुधवार को गिरा दिया गया। सरकार ने यहां एक नया भवन बनाने के लिए 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह पुरानी इमारत सितंबर 2025 में असुरक्षित घोषित की गई थी, जिसके बाद 18 बच्चों की पढ़ाई अस्थायी रूप से गांव वालों द्वारा उपलब्ध कराए गए दो कमरों और टिन शेड में चल रही थी। इस स्कूल को लेकर हाल ही में राजनीतिक विवाद भी उत्पन्न हुआ था।


नए भवन के लिए 18 लाख रुपये का प्रावधान

राज्य सरकार ने नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इसमें से 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से और 6 लाख रुपये विधायक निधि से दिए गए हैं। सरकार ने 23 अगस्त को नए भवन के निर्माण के लिए धन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। अब पुरानी इमारत के ध्वस्तीकरण के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की राह साफ हो गई है।


छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा असर

यह प्राथमिक विद्यालय बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। जब इमारत को असुरक्षित घोषित किया गया, तब से 18 विद्यार्थी अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई कर रहे थे। कक्षाएं दो कमरों और टिन शेड में चल रही थीं, और आसपास भैंसों के होने के कारण बच्चों के लिए माहौल अनुकूल नहीं था।


राजनीतिक विवाद के बाद स्थिति गरमाई

21 अगस्त को CJP कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचने पर वहां कुछ लोगों के साथ विवाद हुआ, जिसके बाद कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगा। इस घटना के बाद राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठने लगे। आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि निरीक्षण के दौरान पथराव हुआ और महिलाओं के साथ मारपीट की गई। पार्टी ने इसे अपने अभियान की सफलता बताया।


ग्रामीणों ने फैसले का स्वागत किया

स्थानीय निवासी लालचंद शर्मा ने नई इमारत के निर्माण के फैसले को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि असुरक्षित भवन को हटाना बच्चों के हित में है और स्कूल को राजनीति से दूर रखने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। अब गांव की नजर इस बात पर है कि नया भवन कब तैयार होगा और बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल प्रदान करेगा।