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डूंगरपुर में छात्रों का कैंडल मार्च, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

डूंगरपुर में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला। श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत छात्रों को याद किया गया और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की गई। छात्र नेताओं ने कहा कि बढ़ते मानसिक दबाव ने युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है। यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन जारी रहेगा।
 

डूंगरपुर में छात्रों का आक्रोश


डूंगरपुर: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और संभावित पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का गुस्सा फिर से उभरकर सामने आया है। डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा मानसिक तनाव के कारण जान गंवाने वाले 22 छात्रों की याद में श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इसी दिन दिल्ली में भी छात्रों ने संसद मार्च के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।


श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

डूंगरपुर के तहसील चौराहा स्थित शहीद कालीबाई कलासुआ स्मारक पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद, प्रतिभागियों ने मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकाला और दिवंगत अभ्यर्थियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


छात्र नेताओं की चिंताएं

छात्र नेताओं का क्या है कहना?


श्रद्धांजलि सभा के दौरान छात्र नेताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इन घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है और बढ़ते मानसिक दबाव का असर छात्रों के जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की जाएं।


वक्ताओं की अपील

कार्यक्रम में वक्ताओं ने क्या कहा?


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि युवाओं का सरकार और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।


आंदोलन की चेतावनी

सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने नम आंखों से दिवंगत अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन जारी रहेगा।


इस बीच, देश के अन्य हिस्सों में भी नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विभिन्न छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है।