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बीकानेर में स्कूल बस हादसे ने परिवार को झकझोर दिया

राजस्थान के बीकानेर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक सात वर्षीय छात्र की जान ले ली। स्कूल से लौटते समय बस से उतरने के बाद वह उसी बस की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाने के बावजूद, बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने उसके परिवार और गांव में शोक का माहौल बना दिया है। लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह हादसा स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
 

दर्दनाक सड़क दुर्घटना


राजस्थान के बीकानेर जिले में एक भयानक सड़क दुर्घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। एक सात वर्षीय छात्र, जो स्कूल से घर लौट रहा था, बस से उतरने के कुछ ही क्षण बाद उसी बस की चपेट में आ गया। गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने उसके परिवार पर गहरा दुख छा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


घर लौटने से पहले की दुर्घटना

यह घटना बीकानेर जिले के जसरासर थाना क्षेत्र में हुई। सेकेंड क्लास में पढ़ने वाला शौर्य रोज की तरह स्कूल बस से अपने गांव लौट रहा था। बस से उतरने के बाद, जब वह घर की ओर बढ़ रहा था, तभी ड्राइवर ने बस को आगे बढ़ा दिया और मासूम उसकी चपेट में आ गया।


अस्पताल में संघर्ष

हादसे के तुरंत बाद, आसपास के लोगों और स्कूल के कर्मचारियों ने बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। उसे बीकानेर के PBM अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वह बच नहीं सका और अस्पताल में उसने अपनी अंतिम सांस ली। बताया गया है कि उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं।


परिवार में शोक का माहौल

मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजन गहरे दुख में हैं। गांव में भी शोक का माहौल है और सभी इस घटना से स्तब्ध हैं।


लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही जसरासर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है।


स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर सवाल

इस दुर्घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाहनों के संचालन में अधिक सतर्कता बरती जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।