राजस्थान एटीएस ने आतंकवादी साजिश का किया खुलासा, युवक गिरफ्तार
बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा
राजस्थान की एटीएस ने एक महत्वपूर्ण आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एटीएस ने पंजाब के तरनतारन से एक युवक, गुरुविन्दर सिंह, को गिरफ्तार किया है। इस युवक पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में स्थित आतंकियों को वीडियो और महत्वपूर्ण दस्तावेज भेजता था और जयपुर में बड़े हमले की योजना बना रहा था। इसके अलावा, गुरुविन्दर पर सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की रेकी करने का भी आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसे The Resistance Front (TRF) से जोड़ा गया है।
डिजिटल साक्ष्य की बरामदगी
जांच एजेंसियों ने गुरुविन्दर सिंह के मोबाइल और सोशल मीडिया खातों से उसके TRF से संबंध के डिजिटल साक्ष्य प्राप्त किए हैं। इनमें पाकिस्तान में TRF को भेजे गए वीडियो, तस्वीरें और चैट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ वॉइस नोट्स भी मिले हैं, जिनमें वह हथियारों और विस्फोटकों के बारे में चर्चा कर रहा है।
बीएसएफ चौकियों से जुड़े वीडियो
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गुरुविन्दर ने सीमा क्षेत्र में स्थित Border Security Force (BSF) की चौकियों के संवेदनशील वीडियो पाकिस्तान भेजे हैं। यह मामला अत्यंत संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं, और उम्मीद है कि इससे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से मिली जानकारी
राजस्थान एटीएस ने सोशल मीडिया की निगरानी के माध्यम से आतंकी गतिविधियों की साजिश का खुलासा किया है। एटीएस को मॉनिटरिंग के दौरान गुरुविन्दर सिंह की पाकिस्तान में आतंकियों के साथ चैट्स और वीडियो शेयरिंग का पता चला। एटीएस ने उसके सोशल मीडिया खातों की लगातार निगरानी की और पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य जुटाने के बाद उसे तरनतारन से गिरफ्तार किया। एटीएस के एडीजी दिनेश एमएन के अनुसार, उसके फेसबुक मैसेंजर चैट में TRF से जुड़े लोगों के साथ बातचीत के प्रमाण मिले हैं।
जयपुर में हमले की योजना
एटीएस के अनुसार, गुरुविन्दर सिंह पिछले दो महीनों से जयपुर में रह रहा था। वह रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में नौकरी के बहाने रहकर अपना नेटवर्क तैयार कर रहा था। इसके लिए वह स्थानीय युवकों से भी बातचीत करता था। एटीएस को यह जानकारी भी मिली है कि वह जयपुर में हैंड ग्रेनेड और एके-47 मंगाने की योजना बना रहा था।
खालिस्तान समर्थकों के संपर्क में
एटीएस के अनुसार, गुरुविन्दर सिंह खालिस्तान समर्थक संगठनों के संपर्क में भी था। उसके सोशल मीडिया खातों से यह प्रमाण मिले हैं कि वह गुरवंत सिंह पन्नू और 'सिख फॉर जस्टिस' नामक संगठनों को वीडियो शेयर करता रहा है। फिलहाल, एटीएस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। एटीएस का कहना है कि गुरुविन्दर की गिरफ्तारी से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया गया है।