×

राजस्थान में 2026 की गर्मी का खतरा: विशेषज्ञों की चेतावनी

राजस्थान में 2026 की गर्मी को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार गर्मी पिछले दशकों के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है, और तापमान 50 से 55 डिग्री तक पहुंच सकता है। रोहिड़ा के पेड़ों में समय से पहले खिलने वाले फूल इस बात का संकेत हैं कि मौसम में बड़ा बदलाव आ सकता है। जानें और क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बारे में।
 

गर्मी की तीव्रता में वृद्धि की आशंका


जयपुर: राजस्थान में 2026 की गर्मी को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष गर्मी पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है। अनुमान है कि गर्मी जल्दी शुरू हो सकती है और इसकी तीव्रता भी अधिक हो सकती है। विशेषज्ञ इसे अर्ली और एक्सट्रीम समर की स्थिति के रूप में देख रहे हैं, जिसका अर्थ है कि गर्मी सामान्य समय से पहले आ सकती है और तापमान में अत्यधिक वृद्धि हो सकती है।


पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति अक्सर मौसम के संकेत पहले ही दे देती है। इस बार राजस्थान में रोहिड़ा के पेड़ों में फूल समय से पहले खिलने लगे हैं। आमतौर पर ये फूल मार्च में खिलते हैं, लेकिन इस बार फरवरी से पहले ही दिखाई देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह असामान्य तापमान वृद्धि का संकेत हो सकता है, जो आने वाले महीनों में मौसम में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।


तापमान में अत्यधिक वृद्धि की संभावना

50 से 55 डिग्री तक पारा पहुंचने की आशंका


महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विभाग के प्रमुख अनिल छंगाणी का कहना है कि इस बार गर्मी काफी अधिक हो सकती है। उनके अनुसार, राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह सामान्य से काफी अधिक होगा और लोगों के लिए समस्याएं बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी का अनुभव किया जा सकता है।


मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान


मौसम विभाग ने मार्च से मई तक का लॉन्ग रेंज फॉरकास्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि इस बार गर्मी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, यह पहले से जारी किया गया अनुमान है जिसमें आगे कुछ बदलाव हो सकते हैं। फिर भी संकेत यही मिल रहे हैं कि इस बार गर्मी काफी तेज हो सकती है।


मौसम विभाग के आंकलन के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे रात के समय भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, लेकिन हीटवेव के दिनों की संख्या बढ़ सकती है। राजस्थान जैसे शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों में लू चलने की संभावना अधिक है।


स्वास्थ्य पर हीटवेव का प्रभाव

हीटवेव से स्वास्थ्य पर बढ़ेगा खतरा


मार्च से मई के बीच उत्तर पश्चिम और पश्चिम मध्य भारत में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। ऐसी स्थिति में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए।


मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में देशभर में औसत बारिश सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। यदि राजस्थान में प्री मानसून बारिश कम हुई, तो तापमान तेजी से बढ़ सकता है और गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होगा।