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सीकर में रिश्तों की गहराई: देवरानी और जेठानी का एक साथ अंतिम संस्कार

राजस्थान के सीकर जिले में एक दिल को छू लेने वाली घटना घटी, जहां देवरानी की मृत्यु के बाद उसकी जेठानी ने भी कुछ घंटों बाद दम तोड़ दिया। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। यह कहानी रिश्तों की गहराई और प्रेम की मिसाल पेश करती है। जानें इस भावनात्मक घटना के बारे में और कैसे पूरे गांव ने इस दुख को साझा किया।
 

सीकर में एक मार्मिक घटना


सीकर: राजस्थान के सीकर जिले से एक गहन प्रेम और रिश्तों की कहानी सामने आई है। यहां एक देवरानी की मृत्यु का दुख इतना गहरा था कि उसकी जेठानी ने भी कुछ ही घंटों बाद दम तोड़ दिया। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिससे पूरा गांव शोक में डूब गया।


भूदोली गांव की घटना

यह घटना नीमकाथाना उपखंड के भूदोली गांव की है। शनिवार को 85 वर्षीय देवरानी, पतासी देवी का निधन हुआ। उनके निधन से परिवार में शोक का माहौल बन गया, लेकिन इस दुख का सबसे गहरा असर उनकी 88 वर्षीय जेठानी, माली देवी पर पड़ा। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दोनों महिलाओं के बीच का रिश्ता सगी बहनों से भी गहरा था।


जीवन भर का साथ

उन्होंने जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाया। जैसे ही माली देवी को अपनी देवरानी के निधन की सूचना मिली, वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार का कहना है कि वह इस दुख को सहन नहीं कर सकीं और कुछ घंटों बाद उन्होंने भी प्राण त्याग दिए।


भावुक अंतिम संस्कार

एक ही घर में कुछ घंटों के अंतराल में दो बुजुर्ग महिलाओं की मृत्यु ने सभी को झकझोर दिया। रविवार को जब दोनों की अर्थियां उठीं, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर किसी की आंखों में आंसू थे और माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार ने निर्णय लिया कि जिनका जीवन एक साथ बीता, उनकी अंतिम यात्रा भी साथ ही होगी।


एक ही चिता पर अंतिम संस्कार

श्मशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा दृश्य उन्होंने अपने जीवन में बहुत कम देखा है।


गांव के लोगों के अनुसार, पतासी देवी और माली देवी दोनों ही धार्मिक और सरल स्वभाव की थीं। वे हमेशा मिलजुल कर रहती थीं और सामाजिक तथा पारिवारिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी।