हनुमानगढ़ में बस-ट्रक टक्कर से पांच की मौत, 20 से अधिक घायल
हनुमानगढ़ में भयानक सड़क हादसा
हनुमानगढ़: मंगलवार की सुबह राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। रावतसर पुलिस थाने के क्षेत्र में मेगा हाईवे पर बारामसर के निकट एक यात्री बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हुई। इस दुखद घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बस श्री गंगानगर से जयपुर की ओर जा रही थी, तभी उसकी टक्कर सामने से तेज गति से आ रहे ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रावतसर पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला और एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे के कारण हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे काफी प्रयास के बाद हटाया गया, जिसके बाद ट्रैफिक सामान्य हो पाया।
घायलों को रावतसर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया। SDM संजय कुमार ने मेडिकल स्टाफ से बात करके मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें बेहतर इलाज प्रदान करने के निर्देश दिए।
डॉक्टरों की रिपोर्ट
डॉक्टरों के अनुसार, घायल यात्रियों में से पांच की स्थिति बेहद गंभीर है। प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए बड़े अस्पतालों में भेजा गया है। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है।
शुरुआती जांच के निष्कर्ष
पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट होता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही इस दुर्घटना के मुख्य कारण थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि असली कारणों का पता पूरी जांच के बाद ही चलेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस हाईवे पर कड़ी निगरानी रखने और सुरक्षा उपायों को और बेहतर बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि तेज रफ्तारी और लापरवाही पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो भविष्य में भी ऐसी दुर्घटनाएं होती रहेंगी।