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TCS नासिक मामले में निदा खान पर लगे गंभीर आरोप: धर्म परिवर्तन और यौन शोषण का खुलासा

महाराष्ट्र के TCS नासिक यूनिट में निदा खान पर धर्म परिवर्तन और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। अदालत में नए सबूत पेश किए गए हैं, जिसमें निदा खान द्वारा शिकायतकर्ता को धार्मिक रीति-रिवाज सिखाने और नाम बदलने का मामला शामिल है। इस मामले में मलेशियाई कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है। सुनवाई के दौरान, विशेष अभियोजक ने निदा खान से पूछताछ की आवश्यकता पर जोर दिया। क्या 2 मई को अदालत का फैसला निदा खान के खिलाफ होगा? जानें पूरी कहानी।
 

निदा खान के खिलाफ नए सबूत


महाराष्ट्र में TCS की नासिक यूनिट में कथित रूप से धर्म परिवर्तन और यौन शोषण के मामले में मुख्य आरोपी निदा खान के खिलाफ अदालत में नए और चौंकाने वाले सबूत प्रस्तुत किए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने विशेष अदालत को बताया कि निदा खान ने शिकायतकर्ता को बुर्का और हिजाब पहनने, नमाज पढ़ने और रोजा रखने की शिक्षा दी। इसके अलावा, उसने युवती का नाम बदलकर 'हानिया' भी रख दिया। इस मामले में एक मलेशियाई कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है।


धर्मांतरण का जाल

27 अप्रैल को नासिक की अदालत में निदा खान की अग्रिम ज़मानत याचिका पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। सरकारी वकीलों ने एसआईटी जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सबूत पेश किए, जिसमें यह सामने आया कि निदा खान ने दूसरे धर्म की रस्मों को सिखाकर धर्मांतरण का जाल बिछाया। जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच अब नासिक से आगे बढ़कर मालेगांव और मलेशिया तक पहुंच गई है।


बंद कमरे में सुनवाई

एक बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान, विशेष लोक अभियोजक अजय मिश्रा ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि निदा खान से हिरासत में पूछताछ करना आवश्यक है। शिकायत में युवती ने निदा खान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, सहयोगी दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और तौसीफ अत्तार पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने यह भी बताया कि निदा खान ने उसे मलेशिया में नौकरी दिलाने का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला।


निर्णय की तारीख

सुनवाई के बाद, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी की अदालत ने निदा खान की अग्रिम ज़मानत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इसका फैसला 2 मई को सुनाया जा सकता है। सुनवाई के बाद अजय मिश्रा ने तर्क दिया कि निदा खान के फंड के स्रोत और उनके विदेशी संपर्कों की जांच करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनसे पूछताछ के बाद इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।


जांच में खुलासे

एसआईटी जांच के अनुसार, निदा खान ने शिकायतकर्ता को घर पर नमाज अदा करने और हिजाब पहनने के निर्देश दिए थे। उनके मोबाइल फ़ोन के जरिए इस्लामी ऐप्स और धार्मिक सामग्री साझा की गई थी। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से होने के कारण पुलिस ने इस मामले में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।


गिरफ्तार आरोपी

TCS की नासिक शाखा के आठ वरिष्ठ कर्मचारियों पर यौन शोषण और धार्मिक दबाव डालने का आरोप लगाया गया है। इनमें से निदा खान को छोड़कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। निदा खान अभी भी फरार है और जांच एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।