अयोध्या राम मंदिर में दान की रकम में बड़ा घोटाला: कर्मचारियों पर लगे गंभीर आरोप
अयोध्या में श्रद्धालुओं का विश्वास टूटा
अयोध्या: राम मंदिर में लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के साथ दान देते हैं, यह विश्वास करते हुए कि उनका दिया हर पैसा भगवान के कार्यों में लगेगा। लेकिन कुछ लोगों ने इस विश्वास का गलत फायदा उठाया है। आरोप है कि मंदिर में दान की गिनती से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने दान की राशि और आभूषणों में हेराफेरी की। इस मामले का खुलासा होने के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दान पेटी में मिली गड़बड़ी
मई के अंत में राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों ने बैंक में जमा हो रही राशि का रिकॉर्ड चेक किया। जांच में पाया गया कि दान पेटियों से निकलने वाली राशि में लगातार अंतर आ रहा था। आमतौर पर एक दान पेटी से 6 से 7 लाख रुपये निकलते थे, लेकिन कई गड्डियों में 500 रुपये के नोट कम पाए गए। इसी कारण अधिकारियों को चोरी का संदेह हुआ।
गुप्त कैमरों ने खोला राज
जब शक गहरा गया, तो नोट गिनने वाले कमरे में गुप्त कैमरे लगाए गए। कुछ दिनों की फुटेज देखने पर चोरी का तरीका सामने आया। आरोप है कि एक कर्मचारी सीसीटीवी के सामने खड़ा होकर दूसरे की गतिविधियों को छिपाता था, जबकि उसका साथी नोटों की गड्डी से पैसे निकालकर अपने कपड़ों में छिपा लेता था। बाद में ये रकम बाथरूम में रखी जाती और फिर मंदिर परिसर से बाहर ले जाई जाती थी।
बैंक में भी हुई हेराफेरी
जांच में यह भी सामने आया कि नोटों की गड्डियों को तैयार करते समय उनमें अतिरिक्त नोट जोड़ दिए जाते थे। बैंक में गड्डियों की गिनती के बाद रास्ते में वही अतिरिक्त नोट निकाल लिए जाते थे। इस तरीके से रिकॉर्ड सही दिखता था और चोरी भी होती रहती थी।
जेवरात भी नहीं बचे
आरोप है कि दान पेटियों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के जेवरात भी सुरक्षित नहीं थे। बालियां, झुमके, नथ, कंगन और अन्य आभूषण कथित रूप से गायब किए जाते थे। पुलिस ने एक आरोपी के घर से करीब 10 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि नोट गिनने की प्रक्रिया से जुड़े कई कर्मचारी आपसी परिचित या सिफारिश के आधार पर काम कर रहे थे।
लापरवाही बनी मुख्य कारण
मामले में यह भी सामने आया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली जाती थी। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर कथित तौर पर लंबे समय तक चोरी का खेल चलता रहा। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।