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आंध्र प्रदेश में जलप्रपात पर सेल्फी लेने गईं तीन किशोरियों की दुखद मौत

आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में एक दुखद घटना में तीन किशोरियों की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई। ये लड़कियां सेल्फी लेने के दौरान एक चट्टान पर चढ़ गई थीं, जहां उनका संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव तेज था। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जानें पूरी कहानी और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए उठाई गई मांगों के बारे में।
 

दुखद हादसा: तीन किशोरियों की जान गई


आंध्र प्रदेश से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक पल की खुशी और यादगार तस्वीरें लेने की चाह ने तीन किशोरियों की जान ले ली। अल्लूरी सीताराम राजू जिले में मुल्लुंगुम्मी जलप्रपात की सुंदरता का आनंद लेने गई पांच सहेलियों में से तीन की पानी में तस्वीरें लेते समय डूबने से मौत हो गई।


यह घटना गुरुवार को अल्लूरी सीताराम राजू जिले के हुकुमपेटा मंडल के बुरजा पंचायत के पास हुई। जाम्बावलासा गांव की पांच लड़कियां त्योहार की छुट्टियों के दौरान इस जलप्रपात पर घूमने आई थीं। पुलिस के अनुसार, सभी लड़कियां वहां तस्वीरें और सेल्फी वीडियो बनाने में व्यस्त थीं। इसी दौरान तीन लड़कियां पानी के बीच एक बड़ी चट्टान पर चढ़ गईं ताकि वे बेहतर तस्वीर ले सकें।


फिसलने से हुआ हादसा


चट्टान पर खड़ी लड़कियों का अचानक संतुलन बिगड़ गया और उनका पैर फिसल गया। देखते ही देखते तीनों तेज बहाव में गिर गईं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे कुछ नहीं कर सके। कुछ ही क्षणों में तीनों लड़कियां पानी में बह गईं और नजरों से ओझल हो गईं।


बाद में खोजबीन के दौरान तीनों लड़कियों के शव पानी से निकाले गए। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय तृषा, 16 वर्षीय रत्ना कुमारी और 16 वर्षीय पवित्रा के रूप में हुई है। इस हादसे में बाकी दो लड़कियां किसी तरह सुरक्षित बच गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी


इस दुखद घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है और लोगों के बीच डर का माहौल बन गया है। अल्लूरी जिला अपने खूबसूरत जलप्रपातों और पिकनिक स्थलों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई बार पर्यटक चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर खतरनाक जगहों पर चले जाते हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं।


स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने ज्यादा चेतावनी बोर्ड लगाने, खतरनाक जगहों पर बैरिकेड लगाने और पुलिस की तैनाती बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।