इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर उमा भारती का कड़ा बयान: सरकार को दी चुनौती
सियासी हलचल के बीच उमा भारती का बयान
नई दिल्ली: इंदौर में दूषित जल के सेवन से हुई कई मौतों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की प्रमुख नेता उमा भारती ने इस घटना पर अपनी ही सरकार को कठोर शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने इसे राज्य और सरकार के लिए एक शर्मिंदगी का विषय बताया और मुआवजे की राशि को अपर्याप्त करार दिया है।
उमा भारती का स्पष्ट संदेश
उमा भारती ने कहा कि किसी व्यक्ति की जान की कीमत दो लाख रुपये नहीं हो सकती। उन्होंने पीड़ित परिवारों से माफी मांगने और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की। उनका यह बयान तब आया है जब इंदौर में मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
दूषित पानी से हुई मौतें: सरकार पर सवाल
उमा भारती ने इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों को प्रदेश की व्यवस्था पर एक कलंक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 2025 के अंत में इंदौर में हुई ये मौतें हमारे प्रदेश और सरकार के लिए शर्मनाक हैं। स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित इंदौर में ऐसी घटना बेहद चिंताजनक है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है
उमा भारती ने कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर में इस तरह की स्थिति अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि गंदगी और जहरीले पानी ने कई जिंदगियों को छीन लिया है और मौतों का सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा घोषित दो लाख रुपये के मुआवजे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पीड़ित परिवारों के दुख का समाधान नहीं कर सकता।
मुआवजे पर नाराजगी और माफी की मांग
उमा भारती ने मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताते हुए सरकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए एक बड़ी परीक्षा बताया।
अपने चार बिंदुओं में लिखे संदेश के अंत में उमा भारती ने कहा कि जीवन की कीमत दो लाख रुपये नहीं हो सकती, क्योंकि पीड़ित परिवार जीवन भर दुख में रहते हैं। इस पाप का प्रायश्चित करना होगा और सभी दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
CM मोहन यादव को टैग किया
उमा भारती ने अपने बयान में भाजपा के आधिकारिक हैंडल और मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी टैग किया है। उनके इस तीखे बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ सकता है।