उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का अनावरण: जानें क्या है नया?
नई दिल्ली में ड्राफ्ट मतदाता सूची का अनावरण
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद, मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची का अनावरण किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस प्रक्रिया के आंकड़े साझा करेगा। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा मीडिया को मतदाता सूची में हुए परिवर्तनों की जानकारी देंगे।
मतदाता सूची की महत्ता
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद, सभी मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने नाम की स्थिति देख सकेंगे। यह सूची आगामी चुनावों की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि कौन से मतदाता सूची में शामिल हैं और किन्हें दावे या आपत्ति दर्ज कराने की आवश्यकता है।
मतदाता सूची में बदलाव
कितने नाम शामिल और हटाए गए
निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता पंजीकृत थे। लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 12 करोड़ 55 लाख मतदाता ही शामिल होंगे। इसका मतलब है कि लगभग 2 करोड़ 89 लाख नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
नाम कटने के कारण
क्यों हटाए गए नाम
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:
जिनका निधन हो चुका है
स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, जो किसी अन्य जिले या राज्य में चले गए हैं
दो या अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाता
गणना प्रपत्र (Enumeration Form) न भरने वाले मतदाता
लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता जिनका पता सत्यापित नहीं हो सका
निर्वाचन आयोग का कहना है कि सूची को साफ और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह कदम आवश्यक था।
करीब 1 करोड़ मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। मतदाता आज से 6 फरवरी तक अपने नाम में गलती होने या कटने की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने समयसीमा तय की है:
दावे और आपत्तियां: आज से 6 फरवरी तक
दावे-आपत्तियों का निस्तारण: 7 फरवरी से 27 फरवरी तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 6 मार्च
अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान हर दावे और आपत्ति की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
लखनऊ जिले में सबसे अधिक नाम कटने की आशंका
लखनऊ में नाम कटने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम लखनऊ जिले में ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। यहां करीब 12 लाख नाम सूची से बाहर होने की संभावना है। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 4.57 लाख मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले, 1.27 लाख मतदाता मृतक हैं, 5.39 लाख मतदाता दूसरी विधानसभा या जिले में शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि कई मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरने से इनकार किया।
2003 की सूची का महत्व
2003 की सूची बनी आधार
निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था या उनके अभिभावकों का नाम उसमें शामिल था, उनका नाम सुरक्षित रखा गया है। वहीं, जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं मिला, उन्हें नोटिस भेजकर दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाएगा।
वेबसाइट पर नाम की जांच कैसे करें
वेबसाइट पर ऐसे करें नाम की जांच
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाता आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और मतदाता विवरण में से जरूरी जानकारी भरकर देख सकते हैं। अगर किसी को नाम में त्रुटि या गायब होने की शिकायत है, तो वह ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय
3 बजे लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस
निर्वाचन आयोग आज दोपहर 3 बजे लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। CEO नवदीप रिणवा इस दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची के अंतिम आंकड़े, नाम कटने के कारण, आगे की प्रक्रिया और मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश मीडिया के सामने रखेंगे। राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं की नजरें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं।