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उत्तर प्रदेश में ब्लैकमेलिंग का मामला: थानाध्यक्ष की आत्महत्या के बाद खुलासा

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के बाद एक ब्लैकमेलिंग रैकेट का मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने एक महिला, उसके पिता और एक वकील को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर लोगों को दोस्ती के बाद ब्लैकमेल करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि थानाध्यक्ष की आखिरी कॉल भी संदिग्ध है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

बस्ती में थानाध्यक्ष की मौत के बाद सामने आया ब्लैकमेलिंग रैकेट


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में थानाध्यक्ष की आत्महत्या के बाद एक कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला पहले लोगों के साथ दोस्ती करती थी और फिर निजी तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से उन्हें डराकर पैसे मांगती थी। इस मामले में एक महिला, उसके पिता और एक वकील को गिरफ्तार किया गया है।


थानाध्यक्ष की आत्महत्या के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को अपने सरकारी आवास पर आत्महत्या कर ली थी। उनके बेटे ने 5 सितंबर को बस्ती कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। मृतक के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध संपर्क मिले, जिनके आधार पर एक महिला और उसके सहयोगियों की भूमिका की जांच की गई।


दोस्ती के बाद ब्लैकमेलिंग का आरोप

पुलिस का कहना है कि प्रियंका चौधरी लोगों से संपर्क बनाकर दोस्ती करती थी। बातचीत के दौरान निजी तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे, और बाद में इन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया।


पिता और वकील पर भी गंभीर आरोप

जांच में प्रियंका के पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव का नाम भी सामने आया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने ब्लैकमेलिंग और पैसे मांगने में सहयोग किया। तीनों आरोपियों को पुलिस ने हॉस्पिटल चौराहे से गिरफ्तार किया।


आखिरी कॉल भी जांच के घेरे में

DIG संजीव त्यागी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में सूर्य प्रकाश सिंह का प्रियंका और विजय प्रकाश यादव से संपर्क सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर विजय प्रकाश यादव ने सिंह को आखिरी कॉल की थी। पुलिस इस बातचीत के विवरण की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसका संबंध सिंह की आत्महत्या से था।