×

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम-बहुल विधानसभा सीटों पर मतदाता संख्या में गिरावट: क्या है कारण?

उत्तर प्रदेश की मुस्लिम-बहुल विधानसभा सीटों पर मतदाता संख्या में भारी गिरावट आई है। 2026 की अंतिम मतदाता सूची में कई क्षेत्रों में 15 से 29 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड में यह गिरावट चिंताजनक है। लखनऊ सेंट्रल, मेरठ कैंट और बरेली जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक कमी देखी गई है। जानें कि यह गिरावट चुनावी परिणामों को कैसे प्रभावित कर सकती है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
 

मतदाता सूची में कमी का विश्लेषण


उत्तर प्रदेश की कई विधानसभा सीटों, जहां मुस्लिम जनसंख्या अधिक है, में मतदाता सूची में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। 10 अप्रैल 2026 की अंतिम मतदाता सूची की तुलना 27 अक्टूबर 2025 की प्री-SIR सूची से करने पर यह स्पष्ट हुआ है कि इन सीटों पर मतदाताओं की संख्या में औसत से कहीं अधिक गिरावट आई है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के क्षेत्रों में यह कमी 15 से 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो सामान्य गिरावट से काफी अधिक है। राज्य में कुल मिलाकर औसत गिरावट 13.24 प्रतिशत रही है, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटों पर यह आंकड़ा काफी ऊंचा है।


गिरावट वाले प्रमुख विधानसभा क्षेत्र

लखनऊ सेंट्रल में सबसे अधिक 28.88 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। इसके बाद मेरठ कैंट में 27.79 प्रतिशत, बरेली कैंट में 25.95 प्रतिशत, आर्य नगर कानपुर में 25.80 प्रतिशत, बरेली में 25.10 प्रतिशत और शाहजहांपुर में 24.32 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इसके अलावा, मेरठ साउथ में 23.19 प्रतिशत, अलीगढ़ में 21.81 प्रतिशत, बहराइच में 21.87 प्रतिशत, मुरादाबाद रूरल में 18.73 प्रतिशत, चंदौसी में 18.86 प्रतिशत, रामपुर में 18.54 प्रतिशत और बदायूं में 18.10 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। लखनऊ वेस्ट में 18.60 प्रतिशत और सहारनपुर नगर में 15.99 प्रतिशत की कमी भी दर्ज की गई है।


अन्य क्षेत्रों में भी कमी

संभल में 2,27,255 मतदाता (14.47 प्रतिशत) कम हुए हैं। स्वार में 29,270, कुंदरकी में 19,146 और अमरोहा में 1,22,263 मतदाता घटे हैं। खलीलाबाद में 61,496, टांडा में 30,692 और सीसामऊ में 50,558 मतदाता कम हुए हैं। पीलीभीत में 35,880, शाहजहांपुर में 1,06,061, नगीना में 29,678 और असमोली में 27,319 मतदाता सूची से गायब हुए हैं। गंगोह में 46,072, मेरठ दक्षिण में 1,18,280, नौगंवा सदात में 22,574, कैराना में 24,541 और ठाकुरद्वारा में 24,181 मतदाता कम दर्ज किए गए हैं।


मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में गिरावट का प्रभाव

ये सभी विधानसभा क्षेत्र उन इलाकों में आते हैं जहां मुस्लिम जनसंख्या राज्य के औसत से काफी अधिक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के कई क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 30 से 50 प्रतिशत तक होती है। इन सीटों पर मुस्लिम वोटर लंबे समय से चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।