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उत्तराखंड की नई महिला नीति: महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक नई नीति को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य उन्हें रोजगार, नेतृत्व और स्थानीय शासन में सक्रिय भागीदारी दिलाना है। इस नीति के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर महिला सभाओं का गठन किया जाएगा, जिससे महिलाएं विकास में अपनी आवाज रख सकेंगी। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों और सहकारी समितियों में आरक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि महिलाएं राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी भागीदारी के बिना विकास संभव नहीं है।
 

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उत्तराखंड सरकार की नई पहल


देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य की पहली विशेष महिला नीति को मंजूरी दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार, व्यवसाय, नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन में सक्रिय भागीदारी दिलाना है। सरकार का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।


गांवों से लेकर शासन तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी

नई महिला नीति के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर 'महिला सभाओं' का गठन किया जाएगा। इन सभाओं के माध्यम से महिलाएं गांव के विकास, बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े निर्णयों में अपनी राय सीधे रख सकेंगी। इससे स्थानीय प्रशासन में महिलाओं की आवाज अधिक प्रभावी होगी और उनकी आवश्यकताओं को योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी।


नौकरी और सहकारी समितियों में आरक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने पहले ही महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है, जिससे बड़ी संख्या में बेटियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।


सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और सहकारी संस्थाओं के संचालन में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी।


महिलाएं स्वरोजगार और नई तकनीक से जुड़ेंगी

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। महिला सारथी योजना के तहत महिलाएं ऑटो-रिक्शा और टू-व्हीलर टैक्सी चलाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।


ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक खेती के लिए ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा, लखपति दीदी योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर प्रदान कर रही हैं।


महिलाओं को विकास का केंद्र बनाने की दिशा में पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि महिलाएं उत्तराखंड समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। सरकार का लक्ष्य उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करना है ताकि वे राज्य के विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकें। नई महिला नीति इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है।


उत्तराखंड की यह पहल देश के लिए एक नया मॉडल बन सकती है, जहां महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की प्रमुख भागीदार बनकर सामने आएंगी।