उत्तराखंड में किसान की आत्महत्या: जमीन धोखाधड़ी के मामले में पुलिस पर कार्रवाई
उत्तराखंड में किसान की आत्महत्या का मामला
उत्तराखंड: सुखवंत सिंह नामक किसान की आत्महत्या ने राज्य में हलचल मचा दी है। वह जमीन धोखाधड़ी के शिकार हुए थे, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। काशीपुर के आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पैगा पुलिस चौकी के प्रभारी सहित 10 अन्य पुलिसकर्मियों को भी लाइन हाजिर किया गया है। यह कार्रवाई चार करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और पुलिस की लापरवाही के आरोपों के बाद की गई है।
सुखवंत सिंह को एक जमीन दिखाकर दूसरी जमीन बेचने का आरोप है, जिससे उन्हें लगभग चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मानसिक तनाव और न्याय न मिलने के कारण उन्होंने हल्द्वानी में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने फेसबुक पर एक लाइव वीडियो में अपनी कहानी साझा की और 27 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
सुखवंत ने कहा कि उसने जमीन धोखाधड़ी के मामले में आईटीआई थाना और पैगा चौकी को कई बार शिकायत दी, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मामले को दबाने के लिए रिश्वत मांगी। इस निरंतर अनदेखी के कारण वह गहरे अवसाद में चले गए।
मृतक किसान के सुसाइड नोट में पुलिसकर्मियों सहित 27 लोगों के नाम हैं, जिन पर धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो सुखवंत आज जीवित होते।
परिजनों और किसानों का विरोध
घटना के बाद परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी और सीबीआई जांच की मांग की। किसान संगठनों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का परिणाम है।