उत्तराखंड में लापता सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खोज जारी, ट्रैकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल
बागेश्वर में लापता विशेष चौहान
बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर घूमने गए नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर विशेष चौहान पिछले तीन दिनों से लापता हैं। उनकी खोज के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिल पाया है। इस घटना ने ट्रैकिंग सुरक्षा के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
विशेष चौहान 29 मई को पिंडारी ग्लेशियर की ओर ट्रेकिंग के लिए निकले थे। उनके साथ एक पोर्टर भी था, जो उनके साथ लौट रहा था। लेकिन लौटते समय विशेष ने पोर्टर से कहा कि वह थक गए हैं और थोड़ी देर आराम करने के बाद आगे बढ़ेंगे। पोर्टर ने उन्हें अकेला छोड़ दिया, लेकिन जब वह बेस कैंप पर पहुंचे और विशेष नहीं आए, तो चिंता बढ़ गई। इसके बाद प्रशासन को सूचित किया गया।
एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन
विशेष के लापता होने की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, हेड कांस्टेबल टीका सिंह कार्की के नेतृत्व में टीम ग्लेशियर क्षेत्र में गई। सर्च टीम ने गाइड द्वारा बताए गए संदिग्ध स्थानों पर रस्सियों की मदद से करीब 60 से 70 मीटर नीचे उतरकर खोजबीन की। हालांकि, विशेष का कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान टीम को उनका कैमरा मिला, जिससे उम्मीद जगी कि आसपास कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसके बाद खोज अभियान को पिंडर नदी के किनारे और आसपास के जंगलों में बढ़ा दिया गया।
मौसम की चुनौतियाँ
सर्च ऑपरेशन के दौरान मौसम ने भी कई मुश्किलें खड़ी कीं। शनिवार को भारी बारिश और खराब मौसम के कारण अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सुरक्षा कारणों से टीम को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। हालांकि, रविवार को मौसम में सुधार होने के बाद विशेष की तलाश फिर से तेज कर दी गई।
उत्तरकाशी में एक और लापता ट्रैकर
इसी बीच, उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से भी एक और लापता होने की खबर आई है। यहां 30 वर्षीय बबीता पांडे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। बताया जा रहा है कि वह कुछ अन्य लोगों के साथ ट्रेकिंग पर गई थीं। ट्रेक के दौरान वह अपने टेंट से बाहर निकलीं, लेकिन फिर वापस नहीं लौटीं। सूचना मिलने के बाद वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत खोज शुरू की। पिछले तीन दिनों से लगातार खोज अभियान चल रहा है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।