उत्तराखंड में स्वच्छ परिवहन के लिए मुख्यमंत्री धामी ने 11 ईंधन वाहनों को हरी झंडी दिखाई
मुख्यमंत्री का स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 का कार्यक्रम
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने 06 प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान और प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इसके अलावा, परिवहन विभाग ने 05 अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी और स्वीकृति प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्वच्छ ईंधन पर आधारित 11 वाहनों का फ्लैग ऑफ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने के राज्य सरकार के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस पहल से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।
आधुनिक परिवहन व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास के संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री श्री @ThePradeepBatra जी, श्री @ganeshjoshibjp जी, माननीय विधायक श्रीमती… pic.twitter.com/rO7w8vthCp
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 28, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है। विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हरित ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य, लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान, पीएम ई-बस सेवा और सौर ऊर्जा के विस्तार जैसे प्रयास देश की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हिमालय की गोद में बसा देवभूमि है, जहां से गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियों का उद्गम होता है। प्रदेश की जैव विविधता, वन संपदा, नदियां और पर्वतीय प्राकृतिक धरोहरें पूरे देश की अमूल्य विरासत हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि के पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। राज्य सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार ने उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना, पुराने डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और सीएनजी तथा अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नीति प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार कर रही है। साथ ही, प्रदेशभर में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों के उपयोग के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोप-वे और आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को हरित विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन वाहन स्वामियों को सब्सिडी चेक प्रदान किए गए हैं, वे केवल इस योजना के लाभार्थी नहीं, बल्कि उत्तराखंड में हरित परिवहन क्रांति के अग्रदूत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके इस प्रयास से अन्य वाहन संचालक भी स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी परिवर्तन स्थायी नहीं हो सकता, इसलिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन के इस अभियान में सहभागी बनना होगा।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, सचिव परिवहन श्री रविनाथ रमन, परिवहन विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे.