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उत्तराखंड सरकार की अग्निवीरों के लिए नई पहल: रोजगार सेल से मिलेंगे सुनहरे अवसर

उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक विशेष रोजगार सेल की स्थापना की है, जो उन्हें सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह पहल सैन्य सेवा से लौटने वाले युवाओं के लिए करियर के पांच प्रमुख मार्ग तैयार करेगी, जिसमें सरकारी नौकरियों से लेकर स्वरोजगार तक शामिल हैं। इसके अलावा, डिजिटल स्किल मैपिंग और कैप्सूल कोर्स के माध्यम से उनकी तकनीकी दक्षता को बढ़ाने की योजना है। यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।
 

अग्निवीरों के लिए रोजगार की नई दिशा


उत्तराखंड: चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में देश का पहला विशेष 'अग्निवीर रोजगार सेल' स्थापित किया जा रहा है। यह पहल उन युवाओं को रोजगार और करियर के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए है, जो सैन्य सेवा से नागरिक जीवन में लौट रहे हैं। यह योजना केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और अनुशासन को राज्य के विकास से जोड़ने का एक सुनियोजित प्रयास है।


रोजगार के पांच प्रमुख मार्ग

अग्निवीर रोजगार सेल के माध्यम से पूर्व अग्निवीरों के लिए पांच मुख्य करियर विकल्प तैयार किए जा रहे हैं:


सरकारी नौकरियां: अग्निवीरों को 10% आरक्षण और अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।


केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल: उत्तराखंड पुलिस, वन सेवा और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी।


निजी और कॉर्पोरेट क्षेत्र: रक्षा, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।


पर्यटन और आपदा प्रबंधन: राज्य के भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, अग्निवीरों को आपदा प्रबंधन और साहसिक खेलों में विशेष रूप से तैनात किया जाएगा।


स्वरोजगार: जो युवा अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय सहायता और विशेष अनुदान प्रदान किए जाएंगे।


डिजिटल स्किल मैपिंग और कैप्सूल कोर्स

इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए हर लौटने वाले अग्निवीर का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। एक डिजिटल स्किल बैंक तैयार किया जाएगा, जिसमें उनके सैन्य अनुभव और तकनीकी कौशल का विवरण होगा। यदि किसी उद्योग को अतिरिक्त योग्यता की आवश्यकता होगी, तो अग्निवीरों के लिए 10 से 15 दिनों के कैप्सूल और स्किल अपग्रेडेशन कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे।


31 दिसंबर 2026 तक तैयारी पूरी

अग्निपथ योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष की आयु में भर्ती हुए युवाओं का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपनी सेवा पूरी करेगा। नियमों के अनुसार, 25% अग्निवीर स्थायी सेवा में रहेंगे, जबकि 75% नागरिक जीवन में प्रवेश करेंगे।


उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य

उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य है कि पहले बैच के लौटने से पहले इस रोजगार सेल को पूरी तरह से लागू किया जाए। पर्यटन, पुलिस, खेल, कृषि, और मैन्युफैक्चरिंग सहित 50 से अधिक क्षेत्रों में अवसरों का सृजन किया जा रहा है। यह सेल मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा, जिससे प्रशासनिक गति बनी रहे। यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित होगी, जो अग्निवीरों के लिए एक सुरक्षित और गौरवमयी भविष्य सुनिश्चित करेगी।