एनआईए ने विदेश में छिपे विकास प्रभाकर हत्याकांड के आरोपी को भारत लाकर किया गिरफ्तार
नई दिल्ली में एनआईए की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: पंजाब के विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक और संदिग्ध को विदेश से भारत लाकर गिरफ्तार किया है। हरविंदर कुमार उर्फ सोनू, जो यूएई में रहकर हत्या की साजिश में शामिल था, को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। एनआईए के अनुसार, उसे 1 अक्टूबर 2026 को कूटनीतिक प्रयासों के बाद भारत लाया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, उसे विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया।
हत्या की साजिश में विदेशी भूमिका
हत्या की साजिश में विदेश से निभा रहा था कथित भूमिका
यह मामला आरसी-06/2024/एनआईए/डीएलआई के तहत दर्ज किया गया है। एनआईए के अनुसार, यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सदस्यों द्वारा वीएचपी नेता विकास प्रभाकर की हत्या से संबंधित है। एनआईए ने 9 मई 2024 को इस मामले की जांच शुरू की थी और अब तक तीन आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। जांच में यह सामने आया है कि हत्या की साजिश जर्मनी में सक्रिय बीकेआई के सदस्यों द्वारा रची गई थी।
हरविंदर कुमार की भूमिका
भर्ती से लेकर हथियार पहुंचाने तक की भूमिका का आरोप
एनआईए की जांच में यह पाया गया है कि हरविंदर कुमार उर्फ सोनू, जो आरोपी संख्या-7 है, ने यूएई से बीकेआई के संचालकों के लिए लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता प्रदान की। एजेंसी का आरोप है कि उसने युवाओं की भर्ती की और हत्या की साजिश को अंजाम देने वाले शूटरों तक हथियार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह कथित तौर पर हरजीत सिंह और कुलबीर सिंह के निर्देशों पर काम कर रहा था।
पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
पहले भी यूएई से जुड़े आरोपी की गिरफ्तारी
इस मामले में एनआईए की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। 13 अगस्त 2026 को, यूएई में रहने वाले एक अन्य आरोपी मनवीर राम को अमृतसर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। उस पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की आपूर्ति का आरोप था। अब हरविंदर कुमार की गिरफ्तारी से मामले में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है।
एनआईए का अभियान
विदेश में बैठे आरोपियों तक पहुंचने का अभियान
एनआईए का कहना है कि हरविंदर कुमार का यूएई से निर्वासन और भारत पहुंचते ही उसकी गिरफ्तारी, आतंकवाद से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के प्रयासों को दर्शाता है। विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और कूटनीतिक प्रयासों से आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की गई। एनआईए अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।