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ओडिशा में पुलिस ने 200 करोड़ रुपये का हशीश ऑयल और 2 टन गांजा किया बरामद

ओडिशा के कोरापुट जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 करोड़ रुपये का हशीश ऑयल और 2 टन गांजा बरामद किया है। यह छापेमारी एक अस्थायी फैक्ट्री पर की गई, जो जंगल में छिपी हुई थी। पुलिस ने इस ऑपरेशन में कई मशीनें और रसायन भी जब्त किए हैं। इसके अलावा, नंदपुर में भी एक और छापेमारी में 1143 किलो गांजा बरामद किया गया है। जानें इस पूरी कहानी में क्या हुआ और पुलिस की आगे की योजना क्या है।
 

कोरापुट में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई


नई दिल्ली: ओडिशा के कोरापुट जिले में पुलिस ने ड्रग्स तस्करों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। जंगल में छिपी एक अस्थायी फैक्ट्री से 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का हशीश ऑयल और 2 टन से ज्यादा गांजा बरामद किया गया है।


यह कार्रवाई ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा के निकट एक दूरदराज के जंगली क्षेत्र में की गई, जहां तस्कर गुप्त रूप से ड्रग्स का उत्पादन कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि यह दक्षिणी ओडिशा में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती में से एक है।


जंगल में छिपी फैक्ट्री पर छापेमारी

कोरापुट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झोलापुट रिजर्वॉयर के पास एक अस्थायी निर्माण इकाई चल रही है। पुलिस टीम ने नावों के माध्यम से नदी पार की और फिर कठिन रास्तों से होते हुए वहां पहुंची। छापेमारी में 1800 लीटर से अधिक हशीश ऑयल बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 200 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही 1000 किलोग्राम से अधिक गांजा भी जब्त किया गया।


पुलिस ने फैक्ट्री में उपयोग की जाने वाली कई मशीनें, रसायन और अन्य सामग्री भी अपने कब्जे में ली हैं। मास्टरमाइंड की पहचान हो चुकी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है। जांच में यह भी पता चला है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय है, जो ओडिशा से आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों तक फैला हुआ है।


नंदपुर में 1143 किलो गांजा जब्त

इसी ऑपरेशन के दौरान नंदपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक और छापेमारी की गई। यहां दो पिकअप वाहनों में प्लास्टिक ट्रे के अंदर छिपाकर रखा गया 1143 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें कोरापुट के सेमिलीगुडा इलाके के दो सप्लायर और हरियाणा से आए दो रिसीवर शामिल हैं।


इंटेलिजेंस पर आधारित कार्रवाई

कोरापुट के एसपी रोहित वर्मा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई विशेष इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर की गई। जंगल और सीमा के कठिन इलाकों में पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस टीम ने साहस के साथ काम किया। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए सीमा और जंगली क्षेत्रों में ऐसे ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे।


एसपी ने जोर दिया कि अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को समाप्त करने के लिए पुलिस कड़ी मेहनत कर रही है। यह जब्ती न केवल ड्रग्स की बड़ी खेप को रोकने में सफल रही, बल्कि तस्करों को भी एक बड़ा झटका दिया है। जांच अभी भी जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।