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कमाल अख्तर का इस्तीफा: समाजवादी पार्टी में राजनीतिक हलचल तेज

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता कमाल अख्तर ने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है। उनका यह कदम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उठाया गया है। मुरादाबाद में गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चा के बीच यह इस्तीफा आया है। बैठक में दोनों नेताओं के बीच विवाद को सुलझाने के लिए अखिलेश यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा था। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि पार्टी इस पद पर किसे नियुक्त करेगी।
 

मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा


लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता और मुरादाबाद की कांठ विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस निर्णय के बाद पार्टी में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है। कमाल अख्तर ने स्पष्ट किया कि यह कदम उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उठाया है, और उनके आदेश का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है।


गुटबाजी और मतभेदों की चर्चा

कमाल अख्तर का इस्तीफा उस समय आया है जब मुरादाबाद में पार्टी संगठन के भीतर गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चा जोरों पर है। हाल के दिनों में मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच राजनीतिक तनाव की खबरें सामने आई थीं, जिसके चलते हाल ही में लखनऊ में पार्टी नेतृत्व की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई थी।


अखिलेश यादव का हस्तक्षेप

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दोनों नेताओं ने अपनी बातों को खुलकर रखा। विवाद को सुलझाने के लिए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। बैठक में राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली जैसे कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। बैठक के बाद यह माना जा रहा था कि मतभेद समाप्त हो गए हैं, लेकिन कमाल अख्तर के इस्तीफे ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है।


मुख्य सचेतक के रूप में नियुक्ति

कमाल अख्तर को जुलाई 2024 में समाजवादी पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था। यह जिम्मेदारी उन्हें तब सौंपी गई थी जब पूर्व मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय ने पद छोड़ दिया था। राज्यसभा चुनाव के दौरान मनोज पांडेय के पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने और बाद में इस्तीफा देने के कारण यह पद रिक्त हुआ था, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने कमाल अख्तर को जिम्मेदारी दी थी।


अब उनके इस्तीफे के बाद मुख्य सचेतक का पद फिर से खाली हो गया है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस पद पर नए नाम की घोषणा नहीं की गई है। इस फैसले के बाद सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि पार्टी इस पद पर किसे नियुक्त करेगी।