कांग्रेस में मौसम नूर की वापसी: क्या पश्चिम बंगाल की राजनीति में आएगा बदलाव?
महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद मौसम बेनजीर नूर ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस में वापसी की है। उनकी यह घर वापसी बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, खासकर जब राज्य में चुनावी गतिविधियाँ तेज हो रही हैं।
सात साल बाद कांग्रेस में लौटना
मौसम बेनजीर नूर ने जनवरी 2019 में कांग्रेस को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस जॉइन की थी। अब, लगभग सात साल बाद, उन्होंने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया है। शनिवार को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जो इस राजनीतिक कदम को महत्वपूर्ण मानते हैं।
कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति
कांग्रेस में शामिल होने के समय वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक गुलाम अहमद मीर, प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार और कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी मौजूद थे। ईशा खान चौधरी, मौसम नूर के भाई हैं, जिससे इस राजनीतिक वापसी में पारिवारिक भावनाएँ भी जुड़ी हुई हैं।
भावनात्मक जुड़ाव की बात
मौसम नूर की वापसी पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके भाई ईशा खान चौधरी ने कहा कि "कांग्रेस हमारे खून में है।" उन्होंने स्वीकार किया कि मौसम के तृणमूल कांग्रेस में जाने से परिवार में मतभेद उत्पन्न हुए थे, लेकिन अब वे समाप्त हो चुके हैं। इसे परिवार और राजनीति के लिए सकारात्मक कदम बताया गया।
ममता बनर्जी को भेजा इस्तीफा
कांग्रेस में शामिल होने के बाद मौसम नूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वह राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा देंगी। मौसम नूर ने कहा कि वह सोमवार को राज्यसभा स्पीकर के कार्यालय में अपना इस्तीफा पत्र जमा करेंगी।
राजनीतिक विरासत का सम्मान
मौसम नूर ने कहा कि वह दिवंगत बरकत गनी खान चौधरी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के भीतर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस में लौटना सही विकल्प है। हालांकि, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस या ममता बनर्जी के खिलाफ कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की।
तृणमूल पर टिप्पणी से परहेज
मौसम नूर ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें काम करने का अवसर दिया और उन्होंने ममता बनर्जी को "हमारी नेता" कहकर संबोधित किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनका निर्णय व्यक्तिगत और वैचारिक आधार पर है, न कि किसी कड़वाहट के कारण।
जयराम रमेश का तंज
इस अवसर पर जयराम रमेश ने तृणमूल कांग्रेस पर हल्का तंज करते हुए कहा कि यह अच्छा है कि कुछ लोगों को अब इंडिया गठबंधन की याद आ रही है। उन्होंने मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी का स्वागत करते हुए उनके राजनीतिक अनुभव को पार्टी के लिए लाभकारी बताया।
बंगाल में कांग्रेस को नई ऊर्जा
बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक गुलाम अहमद मीर ने कहा कि मौसम नूर की वापसी से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अब भी जीवित और सक्रिय है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी राज्य में हर स्तर पर खुद को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करेगी।