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किसानों का 100 दिन का धरना: जेवर में हक की लड़ाई जारी

नोएडा के जेवर में किसानों का धरना 100 दिन पूरे कर चुका है, जिसमें वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में सात प्रतिशत आवासीय भूखंड की मांग के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी जोर दिया जा रहा है। जानें इस संघर्ष की पूरी कहानी और किसानों की प्रमुख मांगें।
 

किसानों का संघर्ष जारी


नोएडा: संघर्ष की यह यात्रा लंबी हो सकती है, लेकिन किसान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। जेवर के दयानतपुर गांव में किसानों का धरना आज 100वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। यदि आवश्यक हुआ, तो दिवाली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज भी धरना स्थल पर मनाई जाएगी।


सात प्रतिशत आवासीय भूखंड की मांग के लिए हवन


किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में किसानों ने सात प्रतिशत आवासीय भूखंड की मांग को लेकर हवन किया और प्राधिकरण के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित परिवार लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में सात प्रतिशत आवासीय भूखंड के साथ-साथ 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 60 मीटर सेवा मार्ग से प्रभावित किसानों को आबादी भूखंड देना शामिल है।


आश्वासन से आंदोलन नहीं रुकेगा


किसानों ने आरोप लगाया है कि प्राधिकरण ने 18 वर्षों के बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया है। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद वास्तविक समाधान नहीं दिखाई दे रहा है। किसानों ने एकजुट होकर यह घोषणा की है कि अब केवल आश्वासन से उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनकी मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस बार त्योहारों की खुशियां भी आंदोलन स्थल पर ही मनाई जाएंगी।