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किसानों का उग्र प्रदर्शन: पूर्व मंत्री की टिप्पणी पर भाकियू का विरोध

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने पूर्व मंत्री की विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया, जो कई जिलों में उग्र हो गया। हाथरस में पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। गभाना टोल प्लाजा पर किसानों ने पुलिस के प्रयासों को विफल करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और गढ़मुक्तेश्वर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
 

किसानों का प्रदर्शन और पुलिस के साथ झड़प


भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने पूर्व मंत्री की विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ शुक्रवार को कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया, जो कई स्थानों पर हिंसक हो गया। हाथरस में, भाकियू कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके परिणामस्वरूप एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों पर भी हमला किया और तोड़फोड़ की।


गभाना टोल प्लाजा पर किसानों का संघर्ष

हापुड़ की ओर बढ़ रहे किसानों को अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा पर रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पुलिस के प्रयासों को विफल करते हुए टोल पार कर लिया। इस घटना के बाद, प्रशासन ने हापुड़ और बुलंदशहर में सुरक्षा बढ़ा दी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया।


पूर्व मंत्री की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद

यह विवाद पूर्व मंत्री मदन चौहान द्वारा एक ढाबे के उद्घाटन के दौरान किसान नेताओं पर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ। भाकियू ने उनके आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी, जिसके तहत किसान हापुड़ की ओर बढ़े। हाथरस में पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे।


गढ़मुक्तेश्वर में सुरक्षा बढ़ाई गई

गढ़मुक्तेश्वर में पूर्व मंत्री के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। टकराव की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस को बुलाया गया है। यह विवाद सलारपुर में हुई एक बहस के बाद बढ़ते हुए बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।


इस बीच, लखनऊ, हरदोई, संभल और बदायूं से सैकड़ों किसान गढ़मुक्तेश्वर पहुंच गए हैं। हालांकि, पुलिस ने कुछ नेताओं को नजरबंद कर दिया है, लेकिन बढ़ती भीड़ से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।