केंद्रीय बजट 2025-26 रविवार को पेश होगा, वित्त मंत्री का यह नौवां बजट
बजट पेश करने का ऐतिहासिक दिन
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2025-26 इस बार रविवार को पेश किया जाएगा, जो कि देश के संसदीय इतिहास में पहली बार होगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट प्रस्तुत करेंगी। आमतौर पर संसद की कार्यवाही सप्ताहांत में नहीं होती, इसलिए रविवार को बजट पेश करना एक महत्वपूर्ण घटना है।
निर्मला सीतारमण का व्यक्तिगत मील का पत्थर
यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही, वह पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई द्वारा स्थापित सबसे अधिक बजट पेश करने के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। मोरारजी देसाई ने अपने कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए थे, और सीतारमण अब उस ऐतिहासिक आंकड़े से केवल एक कदम दूर हैं।
बजट सत्र का कार्यक्रम
28 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में क्या होगा?
संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को होगी।
राष्ट्रपति का अभिभाषण: सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगी, जिसमें वह लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संबोधित करेंगी।
आर्थिक सर्वेक्षण: राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद, वित्त मंत्री संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी।
13 फरवरी से 9 मार्च के बीच क्या होगा?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले ही स्पष्ट किया था कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र को दो चरणों में विभाजित किया गया है।
पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा।
अवकाश: 13 फरवरी के बाद सत्र स्थगित रहेगा और 9 मार्च को फिर से शुरू होगा। इस समय का उपयोग संसदीय समितियों द्वारा विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और बजट प्रस्तावों की जांच के लिए किया जाएगा।
दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने की उम्मीद है।
1 फरवरी को सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से 'बजट के दिन' के रूप में नामित किया गया है। रविवार को बजट पेश करने का निर्णय और निर्मला सीतारमण का नौवां बजट, आगामी सत्र को राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है। बाजार और उद्योग जगत की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि यह बजट अर्थव्यवस्था के लिए क्या नया लेकर आता है।