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केतन अग्रवाल हत्या मामले पर CM फडणवीस का बयान: समाज में गहरी सोच की जरूरत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में इसे 'चौंकाने वाला' बताया। उन्होंने समाज में गहरी सोच की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इसे केवल अपराध के रूप में नहीं देखना चाहिए। केतन के पिता ने दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। इस मामले में सिया और चेतन को पुलिस हिरासत में रखा गया है, और दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और मुख्यमंत्री का क्या कहना है।
 

मुख्यमंत्री का पहला बयान


मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की संदिग्ध हत्या पर शुक्रवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे 'बेहद चौंकाने वाला' करार देते हुए कहा कि इसे केवल एक अपराध के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह समाज में गहरी समस्याओं का संकेत है।


समाज की सोच पर सवाल

'पढ़े-लिखे बच्चों में ऐसी सोच क्यों?'


सीएम ने कहा, "यह एक ऐसी घटना है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह हमें समाज के रूप में गंभीरता से सोचने पर मजबूर करती है। पढ़े-लिखे और अच्छे परिवारों के बच्चों में ऐसी नकारात्मक सोच क्यों विकसित होती है? इसके पीछे के कारणों पर हमें गहराई से विचार करना होगा।"


उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को केवल अपराध के दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। "समाज को यह सोचना होगा कि ऐसा माहौल और प्रणाली कैसे बनाई जाए ताकि बच्चों में इतनी कम उम्र में क्रूरता और प्रतिशोध की भावना न पनपे। यह घटना वास्तव में बहुत चौंकाने वाली है।"


केतन के पिता की मांग

दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की अपील


सीएम का यह बयान तब आया जब केतन का परिवार पुणे में उनसे मिला। केतन के पिता, विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की व्यवस्था की जाए।


मुलाकात के बाद विशाल ने कहा, "मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले पर ध्यान देंगे और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने में सरकार पूरी मदद करेगी।"


आरोपों का सिलसिला और CCTV फुटेज

एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए


सिया और चेतन को 29 जून तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों एक-दूसरे को केतन की मौत के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। माना जा रहा है कि साजिश दोनों ने मिलकर रची थी, लेकिन लोहागढ़ किले में धक्का देने का काम किसी और ने किया। एक CCTV फुटेज भी सामने आया है जिसमें सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में केतन की मौत से कुछ समय पहले दिख रहे हैं।


सगाई के बाद तनाव

संबंधों में खटास


सिया और केतन की सगाई इस साल फरवरी में हुई थी। बेंगलुरु में परिवारों की मुलाकात के एक हफ्ते बाद सगाई तय हुई थी। केतन के परिवार का कहना है कि उसने सिया को लेकर चिंता जताई थी। केतन ने बताया था कि सिया का फोन हमेशा बिजी रहता था और वह छोटी-छोटी बातों पर झगड़ती थी।


वहीं, सिया ने स्वीकार किया कि उसे केतन इसलिए पसंद नहीं था क्योंकि उसके बाल कम थे और वह हकलाता था। चेतन के परिवार ने उसे बेगुनाह बताया है, उनका कहना है कि जब सिया ने केतन को धक्का दिया, तब चेतन कुछ दूरी पर खड़ा था।