केरल में पिनाराई विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी: राजनीतिक हलचल तेज
तिरुवनंतपुरम में राजनीतिक तनाव
तिरुवनंतपुरम: केरल में ईडी की हालिया कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एक मामले में, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के निवास पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते कुछ स्थानों पर ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए। इस संदर्भ में विजयन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी पर तंज
पिनाराई विजयन ने कहा कि एजेंसी लंबे समय से उनके घर पर छापे की कोशिश कर रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकार की कार्रवाई कुछ राजनीतिक नेताओं को संतोष देती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए, विजयन ने कहा कि राहुल पहले भी सवाल उठा चुके हैं कि उनके घर पर छापा क्यों नहीं मारा गया और उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
विजयन ने केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि देश में जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। भाजपा सरकार लगातार विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है, जिसके खिलाफ देशभर में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह केवल अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करती है, जबकि अन्य दलों के नेताओं पर ईडी की जांच जारी रहनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से न तो उनकी पार्टी कमजोर होगी और न ही उनका राजनीतिक संघर्ष समाप्त होगा। उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी विरोधियों ने उन्हें कमजोर करने की कोशिश की, पार्टी कार्यकर्ता हमेशा उनके साथ खड़े रहे। इसे उन्होंने संघर्ष की नई शुरुआत बताया और कहा कि विरोधियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि दबाव डालकर उन्हें समाप्त किया जा सकता है।
कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़ा मामला
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। ईडी ने इस मामले में विजयन की बेटी वीणा विजयन और कंपनी से जुड़े कई व्यक्तियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनी पर करोड़ों रुपये के फर्जी खर्च दिखाने और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप हैं। यह मामला पहले आयकर विभाग की जांच में सामने आया था, जिसके बाद इसे गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को सौंपा गया था।