केरल में सहकारी समितियों के वित्तीय घोटाले: ईडी ने शुरू की बड़ी कार्रवाई
ईडी की तलाशी अभियान की शुरुआत
नई दिल्ली: केरल में सहकारी समितियों से जुड़े संभावित वित्तीय घोटालों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने त्रिशूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड में लगभग 20 स्थानों पर तलाशी अभियान आरंभ किया है। यह कार्रवाई तीन अलग-अलग सहकारी बैंक से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में की जा रही है, जिनमें संदिग्ध राशि लगभग 92 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पहला मामला: 55 करोड़ का फर्जीवाड़ा
एर्नाकुलम और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अर्बन को-ऑपरेटिव सोसायटी के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सदस्यों को फर्जी ऋण जारी कर नुकसान पहुंचाया। इस मामले में लगभग 55 करोड़ रुपये की राशि जांच के दायरे में है। ईडी की टीम ने 5 से 6 परिसरों में तलाशी ली है।
दूसरा मामला: 10 करोड़ की ऊंचे ब्याज की कहानी
कोझिकोड में थेन्नेला सर्विस को-ऑपरेटिव सोसायटी से जुड़े मामले में अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों से धन जुटाया और फर्जी ऋण जारी किए। इस मामले में लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि शामिल होने की संभावना है। ईडी की कार्रवाई 7 से 8 परिसरों में चल रही है।
तीसरा मामला: 27 करोड़ की संपत्ति पर संदेह
त्रिशूर में कुट्टनल्लूर को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े मामले में आरोप है कि मालिकों या जमाकर्ताओं की सहमति के बिना संपत्तियों का हस्तांतरण किया गया। इस मामले में लगभग 27 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि बताई जा रही है। ईडी की टीम यहां भी 5 से 6 परिसरों में तलाशी कर रही है।
ईडी की कार्रवाई का महत्व
ईडी की यह कार्रवाई तीनों मामलों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और लेन-देन के सुराग जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तलाशी पूरी होने के बाद, बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।