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कैसे मुख्यमंत्री सेहत योजना ने दिल के मरीजों को दी नई उम्मीद?

मुख्यमंत्री सेहत योजना ने पंजाब में दिल के मरीजों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो गई है। शेख ज़ीशान कुरैशी जैसे मरीजों ने इस योजना का लाभ उठाकर समय पर इलाज कराया, जिससे उनकी जान बच गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस योजना की सफलता और बढ़ती जागरूकता पर प्रकाश डाला है। जानें कैसे यह योजना लोगों के लिए राहत का स्रोत बन रही है।
 

चंडीगढ़ में दिल के मरीजों के लिए राहत


चंडीगढ़: जब मालेरकोटला के निवासी शेख ज़ीशान कुरैशी को गंभीर हृदय समस्या का सामना करना पड़ा, तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) और डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम किया।


पीटीसीए एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जो हृदय की धमनियों में रुकावट को दूर कर रक्त प्रवाह को सामान्य करती है। चिकित्सकों के अनुसार, हार्ट अटैक के समय हर मिनट कीमती होता है, क्योंकि उपचार में देरी से हृदय को स्थायी नुकसान हो सकता है और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कई परिवारों के लिए आपातकालीन उपचार के लिए तुरंत धन जुटाना मुश्किल होता है, जिससे इलाज में देरी होती है।


स्वास्थ्य मंत्री का बयान

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का दावा


मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने इस आर्थिक बाधा को समाप्त करते हुए पात्र परिवारों को कैशलेस उपचार प्रदान किया है। शेख ज़ीशान कुरैशी के मामले में 80,320 रुपये का पूरा उपचार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर किया गया।


शेख ज़ीशान ने कहा, "मेरे और मेरे परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राहत थी कि मेरा इलाज समय पर और बिना किसी आर्थिक बोझ के हुआ। मुख्यमंत्री सेहत योजना ने पंजाब में लोगों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को सरल बना दिया है।"


मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के अनुसार, पिछले पांच महीनों में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 6,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं की गई हैं, जिनमें अधिकांश पीटीसीए प्रक्रियाएं शामिल हैं। इससे मरीजों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना त्वरित उपचार मिल सका।


डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम और पीटीसीए मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 64.82 करोड़ रुपये के व्यय के साथ दूसरी सबसे अधिक खर्च वाली उपचार श्रेणी है। अब तक 6,138 मरीज इस उपचार का लाभ उठा चुके हैं। प्रति मामले औसत उपचार लागत 1,05,611 रुपये रही है, हालांकि यह मरीज की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकती है।


आपातकालीन उपचार की आवश्यकता

हार्ट अटैक के दौरान पीटीसीए एक महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक उपचार है, जिसे समय पर करना आवश्यक होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस सुविधा के कारण अस्पताल बिना आर्थिक औपचारिकताओं की प्रतीक्षा किए तुरंत उपचार शुरू कर सकते हैं।


गुरदासपुर जिले की 60 वर्षीय हरजिंदर कौर ने भी इस योजना का लाभ उठाया। अमृतसर के महाजन अस्पताल में उनकी पीटीसीए, डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम और अस्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण किया गया। उनके पुत्र गुरमीत सिंह ने बताया कि वे इस उपचार का खर्च खुद नहीं उठा सकते थे।


डॉक्टरों की राय

सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि पीटीसीए हार्ट अटैक के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन उपचारों में से एक है।


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में आपातकालीन हृदय उपचार तक लोगों की पहुंच को बेहतर बना रही है। उन्होंने कहा, "कैशलेस उपचार की सुविधा से मरीजों और उनके परिवारों की हिचकिचाहट कम हुई है।"


मुख्यमंत्री सेहत योजना का महत्व

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत बढ़ती कार्डियक प्रक्रियाओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोगों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। यह योजना पंजाब के परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान करती है, जिसमें अत्याधुनिक हृदय उपचार सहित कई चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।