क्या चीन की गंदगी ने भारत की छवि को चुनौती दी? वायरल वीडियो में देखें
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
नई दिल्ली: हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक भारतीय युवक चीन की गलियों में घूमते हुए वहां की गंदगी को दिखा रहा है। इस वीडियो में सड़क किनारे बिखरा कचरा, प्लास्टिक बैग और पुरानी इमारतें नजर आ रही हैं। युवक ने इस दृश्य को देखकर भारत के प्रति सोशल मीडिया पर बनी छवि पर सवाल उठाया है।
वीडियो का स्रोत
किसने शेयर किया वीडियो
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @pranavkarad नामक अकाउंट से साझा किया गया है। इसमें प्रणव गुआंगझोउ शहर के हैझू क्षेत्र की गलियों में घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह कैमरे पर कहते हैं कि यहां की कुछ गलियां उन्हें भारत की गलियों जैसी लग रही हैं।
गंदगी का नजारा
वीडियो में संकरी सड़कें, निर्माण कार्य के लिए बैरिकेड, पुरानी इमारतें, लटकते तार और सड़क किनारे पड़ा कचरा दिखाया गया है। प्रणव ने कहा कि चीन के बारे में उनके मन में एक अलग छवि थी, लेकिन यहां आकर उन्हें कुछ स्थानों पर ऐसी स्थिति देखने को मिली, जिसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी।
लोकल मार्केट की स्थिति
लोकल मार्केट में भी दिखा कचरा
वीडियो में प्रणव कुछ दुकानों के बाहर जमा प्लास्टिक बैग और कचरा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि चीन के लोकल बाजारों में भी ऐसी गंदगी हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य देशों में भी सफाई की समस्या होती है, तो सोशल मीडिया पर केवल भारत को ही गंदगी से क्यों जोड़ा जाता है। उनके अनुसार, किसी भी देश की छवि केवल कुछ स्थानों को देखकर नहीं बनाई जानी चाहिए।
यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर यूजर्स ने क्या कहा?
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ यूजर्स ने कहा कि सोशल मीडिया पर अक्सर किसी देश की केवल सकारात्मक और सुंदर छवि दिखाई जाती है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि चीन में ऐसी जगहें अपवाद हो सकती हैं, जबकि भारत में ऐसी समस्याएं कई स्थानों पर देखने को मिलती हैं।
इस वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या सोशल मीडिया किसी देश की पूरी तस्वीर दिखाता है? वास्तव में, हर बड़े देश में पुराने इलाके, घनी आबादी वाली गलियां और निर्माण क्षेत्र होते हैं, जहां सफाई की समस्या हो सकती है। इसलिए किसी एक वीडियो या तस्वीर के आधार पर पूरे देश के बारे में राय बनाना उचित नहीं है।