क्या मथुरा का यम द्वितीया मेला बनेगा राजकीय? सांसद हेमा मालिनी ने उठाई मांग
यम द्वितीया मेले को राजकीय दर्जा दिलाने की कोशिश
मथुरा: धर्मनगरी मथुरा में ऐतिहासिक यम द्वितीया मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। ब्रजवासियों की यह पुरानी मांग सांसद हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उठाई है, जिसमें उन्होंने 11 नवंबर को होने वाले यम द्वितीया पर्व से पहले इसे राजकीय मेला घोषित करने का अनुरोध किया है। इस पहल से मेले को सरकारी मान्यता मिलने की संभावना बढ़ गई है।
सांसद हेमा मालिनी ने 5 नवंबर को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में यम द्वितीया पर्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि मथुरा में भाई दूज का पर्व यम द्वितीया के रूप में मनाने की एक सदियों पुरानी परंपरा है। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मथुरा आते हैं और विश्राम घाट पर यमुना में स्नान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यम द्वितीया के दिन भाई-बहन का यमुना स्नान करने से यमराज के दंड से मुक्ति मिलती है।
पत्र में सांसद ने यह भी कहा कि इस ऐतिहासिक पर्व को राजकीय मेला का दर्जा नहीं मिलने से यह चिंता का विषय है, जबकि यह आयोजन मथुरा की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मांग को पूरा करने के लिए विशेष पहल करने का अनुरोध किया है।
सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि यम द्वितीया मेले को राजकीय दर्जा दिलाने के लिए नगर निगम मथुरा-वृंदावन ने 22 मई को नगर विकास विभाग को पत्र भेजा था, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री से 11 नवंबर को होने वाले पर्व से पहले यम द्वितीया मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग की है। अब ब्रजवासियों की नजरें प्रदेश सरकार के निर्णय पर टिकी हुई हैं।