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क्या मुज़फ़्फ़रनगर के प्राचीन शिव मंदिर की भूमि पर विवाद फिर से गरमाया?

The land dispute surrounding the ancient Shiva temple in Rohaana Khurd village, Muzaffarnagar, has reignited, with allegations of fraudulent documentation surfacing. Sanjeev Bhardwaj, a leader from the Bharatiya Kisan Union, claims that the temple's land has been wrongfully registered under an individual's name. He has called for impartial action from the administration and raised concerns about the historical significance of the temple, which he asserts is over 1300 years old. This article delves into the details of the ongoing investigation and the implications of these allegations.
 

उत्तर प्रदेश में भूमि विवाद की नई परतें


उत्तर प्रदेश: मुज़फ़्फ़रनगर की सदर तहसील में स्थित रोहाना खुर्द गांव के प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर से तूल पकड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सहारनपुर मंडल सचिव संजीव भारद्वाज ने मंगलवार को दोपहर लगभग 3 बजे एसडीएम सदर कार्यालय में पहुंचकर आरोप लगाया कि मंदिर की भूमि को फर्जी क्रय-विक्रय दस्तावेजों के माध्यम से एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज किया गया है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है।


पूर्व सपा नेता पर गंभीर आरोप

संजीव भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला सचिव पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, यह व्यक्ति रोहाना खुर्द का निवासी है और उसने गलत दस्तावेजों के आधार पर मंदिर की भूमि को अपने नाम पर दर्ज करा लिया है। भारद्वाज ने बताया कि इस मामले में जिलाधिकारी के पास शिकायत की गई थी, जिसके बाद एसडीएम सदर को जांच का जिम्मा सौंपा गया।


धारा 38 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया

भारद्वाज का कहना है कि जांच में भूमि अभिलेखों में दर्ज नाम गलत पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब धारा 38 के तहत प्रतिवादियों से यह पूछा जा रहा है कि उनके नाम भूमि पर किस आधार पर दर्ज किए गए। हालांकि, जांच के निष्कर्ष और भूमि से संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।


1300 साल पुरानी मंदिर की भूमि का इतिहास

भारद्वाज ने मंदिर को लगभग 1300 वर्ष पुराना बताते हुए कहा कि उनके पास पुराने उर्दू दस्तावेज हैं, जिनमें मंदिर का उल्लेख है। उन्होंने 2012 से चल रहे इस विवाद के संबंध में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। भारद्वाज ने प्रशासन से निष्पक्षता से कार्रवाई करने और किसी भी प्रकार के दबाव से बचने की अपील की है।