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खंडवा में आवारा कुत्तों के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन

खंडवा में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के खिलाफ एक नेता ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। उन्होंने एक व्यक्ति को कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जानें इस अनोखे विरोध का कारण और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल।
 

खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या पर ध्यान आकर्षित करने का अनोखा तरीका


मध्य प्रदेश की खंडवा में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और कुत्ते के काटने की घटनाओं के खिलाफ एक नेता ने अनोखे तरीके से प्रशासन का ध्यान खींचा। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने मंगलवार को जनसुनवाई में एक व्यक्ति को कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनाकर कलेक्ट्रेट पहुंचाया। इस प्रदर्शन ने वहां मौजूद लोगों और अधिकारियों को चौंका दिया। इस दौरान कई लोगों ने इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।


कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर प्रदर्शन का कारण

मुल्लू राठौर ने बताया कि खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में लोग कुत्तों के झुंडों से परेशान हैं और डॉग बाइट की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने प्रशासन के सामने एक अलग तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया।


जनसुनवाई में लोगों का ध्यान आकर्षित

कलेक्ट्रेट में कई लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे। कुत्ते के कॉस्ट्यूम में व्यक्ति को देखकर वहां उपस्थित लोगों का ध्यान कुछ समय के लिए इसी प्रदर्शन पर केंद्रित हो गया। लोगों ने मौके पर फोटो और वीडियो बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। राठौर ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुत्तों की नसबंदी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है।


नसबंदी के आंकड़ों पर सवाल

राठौर ने नगर निगम के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2024 में 3,168 कुत्तों की नसबंदी की गई थी, जिसमें लगभग 33 लाख 20 हजार रुपये खर्च हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतनी नसबंदी की गई थी, तो आवारा कुत्तों की संख्या कम क्यों नहीं हुई।


सरकारी धन के उपयोग पर उठाए सवाल

राठौर ने नसबंदी के लिए खर्च की गई राशि पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि वास्तव में इतनी नसबंदी हुई थी, तो उसका असर शहर में दिखाई देना चाहिए था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।