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खरगोन में विवाहिता की संदिग्ध मौत: क्या है सच?

मध्य प्रदेश के खरगोन में विवाहिता नीलोफर की संदिग्ध मौत ने सबको चौंका दिया है। परिवार ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एसडीएम के आदेश पर शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जानें इस मामले में क्या हुआ और मौत की असली वजह क्या हो सकती है।
 

खरगोन में विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला


खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सबको चौंका दिया है। मोहन टॉकीज क्षेत्र की निवासी नीलोफर की मौत एसिड पीने के बाद हुई। उसके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, एसडीएम के आदेश पर शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


परिवार का आरोप और पुलिस की कार्रवाई

नीलोफर के भाई फरहान शेख और मां आयशा ने बताया कि शनिवार को उन्हें सूचना मिली कि नीलोफर ने एसिड पी लिया है। जब वे उसे इंदौर के अस्पताल ले जा रहे थे, तब उसकी मौत कसरावद गांव के पास हो गई। परिवार ने पुलिस को शिकायत देकर ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।


शव दफनाने का विवाद

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में उन पर दबाव डाला गया और बिना पोस्टमार्टम के शव को दफना दिया गया। उनका आरोप है कि ससुराल वालों ने जल्दबाजी में शव को दफनाया। प्रशासन ने शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लिया और शव को दोबारा बाहर निकालने का निर्णय लिया।


SDM के आदेश पर शव निकाला गया

कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिरसाठ के अनुसार, रविवार को एसडीएम के आदेश पर नीलोफर का शव कब्र से निकाला गया। इस प्रक्रिया में तहसीलदार जागर रावत और थाना प्रभारी बीएल मंडलोई भी मौजूद थे। अधिकारियों की उपस्थिति में शव का पंचनामा तैयार किया गया और फिर उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं पर गौर कर रही है।


मौत की असली वजह का पता लगाना बाकी

फिलहाल, नीलोफर की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत का असली कारण क्या था और परिजनों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।