गुरदासपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या: क्या है असली कहानी?
पंजाब में पुलिसकर्मियों की हत्या से मचा हड़कंप
नई दिल्ली: पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट एक पुलिस चेकपोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों के शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। दोनों की मौत गोली लगने से हुई है, और यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
यह घटना अडियान गांव में हुई, जो दोरांगला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान सहायक उप-निरीक्षक (ASI) गुरनाम सिंह और होम गार्ड जवान अशोक कुमार के रूप में हुई है। दोनों पुलिसकर्मी सीमा के पास 'सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस' वाली चेकपोस्ट पर तैनात थे।
रविवार को अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जब अन्य जवान मौके पर पहुंचे, तो दोनों खून से लथपथ पाए गए। उन्हें तुरंत गुरदासपुर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है।
जांच में उठे सवाल
पुलिस के लिए यह मामला पहेली बन गया है क्योंकि घटना के समय कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। मुख्य सवाल यह है कि गोली किसने चलाई? क्या दोनों जवानों के बीच किसी विवाद के चलते फायरिंग हुई, या इसमें कोई बाहरी तत्व शामिल है?
सीमा के निकट होने के कारण आतंकी गतिविधियों या घुसपैठ की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आदित्य ने मौके पर पहुंचकर जांच की कमान संभाली। पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है, और फॉरेंसिक टीम ने मौके से खोखे, हथियारों के निशान और अन्य सबूत जुटाए हैं।
पुलिस अभी आधिकारिक बयान देने से बच रही है और सभी संभावनाओं की जांच कर रही है।
सीमा पर बढ़ाई गई सतर्कता
इस घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त को तेज कर दिया गया है। अन्य चेकपोस्टों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा बल सतर्क हैं ताकि कोई और अनहोनी न हो। यह मामला न केवल पुलिस विभाग के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गंभीर है, क्योंकि यह सीमा सुरक्षा से जुड़ा है। जांच पूरी होने पर ही सच्चाई सामने आएगी।