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गुरमीत सिंह मीत हेयर का जोरदार बयान: शिक्षा और बेरोजगारी पर भाजपा की चुप्पी

सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने लोकसभा में शिक्षा और बेरोजगारी के मुद्दों पर भाजपा सरकार की चुप्पी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में युवाओं ने सरकार की विभाजनकारी राजनीति को चुनौती दी है। मीत हेयर ने प्रधानमंत्री के आधी रात के सेल्फी वीडियो को सरकार की घबराहट का संकेत बताया और नए विधेयक में सजा बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। क्या ये मुद्दे चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण बनेंगे? जानें पूरी कहानी में।
 

चंडीगढ़ में मीत हेयर का भाषण


चंडीगढ़: संगरूर से आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने लोकसभा में जन सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए देश के युवाओं के संघर्ष की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में युवाओं की शक्ति ने धर्म और जाति के आधार पर समाज को विभाजित करने वाली सरकार को सही रास्ता दिखाया है। अब शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दे मुख्यधारा में आ गए हैं, जबकि प्रचार का दौर खत्म हो गया है।


मीत हेयर का बड़ा आरोप


मीत हेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आधी रात को जारी किया गया सेल्फी वीडियो इस बात का सबूत है कि शिक्षा और बेरोजगारी देश के असली मुद्दे हैं, जिनसे भाजपा भाग रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ आंदोलन भाजपा सरकार के असली चेहरे को उजागर करने में सफल रहा है और इसकी नफरत की राजनीति को एक बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार के पास शिक्षा के मुद्दे पर कोई ठोस उत्तर नहीं है।


सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री का आधी रात को सेल्फी वीडियो के जरिए स्पष्टीकरण देना केंद्र सरकार की घबराहट का संकेत है। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक को बड़े सुधार के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि जिन व्यवस्थाओं को सरकार नई उपलब्धि बता रही है, वे पहले से ही कई छोटे देशों में लागू हैं।


मीत हेयर ने यह भी कहा कि नए विधेयक में सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है, जबकि पहले से ही सजा का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि 2024 से अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है, इसलिए केवल सजा की अवधि बढ़ाने से कोई वास्तविक परिवर्तन नहीं आएगा।