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छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का बढ़ता खतरा: पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे शिकार

छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसमें उच्च शिक्षित लोग भी शामिल हैं। पिछले दो वर्षों में 475 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब साइबर अपराधी पढ़े-लिखे और प्रभावशाली व्यक्तियों को भी निशाना बना रहे हैं। ठगी के पैसे का उपयोग शेयर बाजार और रियल एस्टेट में किया जा रहा है। जानें इस बढ़ते खतरे के बारे में और कैसे आप सुरक्षित रह सकते हैं।
 

साइबर अपराध की बढ़ती घटनाएं


रायपुर: छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। पिछले दो वर्षों में, राज्य में 475 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकर आश्चर्य होता है कि इनमें से कई लोग उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत रह चुके हैं।


गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल

जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंक कर्मचारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, शिक्षक, फार्मासिस्ट और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि अच्छी शिक्षा और करियर के बावजूद कुछ लोग जल्दी पैसे कमाने के लालच में साइबर अपराध की ओर बढ़ रहे हैं।


शिक्षित वर्ग को निशाना बना रहे अपराधी

पढ़े-लिखे लोगों को बना रहे निशाना 


अधिकारियों का कहना है कि अब साइबर अपराधी केवल आम लोगों को ही नहीं, बल्कि शिक्षित और प्रभावशाली व्यक्तियों को भी अपना लक्ष्य बना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बड़े उद्योगों से जुड़े अधिकारियों को भी डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा रहा है। इसके अलावा, डॉक्टर, रिटायर्ड अधिकारी, पुलिसकर्मी और निवेशक भी फर्जी शेयर मार्केट योजनाओं के जरिए ठगी का शिकार हो रहे हैं।


धोखाधड़ी के पैसे का उपयोग

ठगी के पैसों का कहा हो रहा इस्तेमाल 


जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से प्राप्त धन का उपयोग शेयर बाजार और रियल एस्टेट में किया जा रहा है। कुछ साइबर गिरोह विदेश में रहने वाले लोगों को भी निशाना बना रहे हैं और ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे हैं।


आरोपियों की पहचान और सावधानियाँ

आरोपियों की हुई पहचान 


गिरफ्तार आरोपियों में कर्नाटक का एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बिहार का एक फार्मासिस्ट, नई दिल्ली का चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और सेल्स एग्जीक्यूटिव शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इनकी तकनीकी जानकारी और पेशेवर अनुभव का उपयोग साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया गया। पुलिस और साइबर सेल ऐसे नेटवर्क पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश संबंधी ऑफर पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।