जयपुर में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई: 42.380 किलो अफीम तस्करी के आरोपियों को मिली 15 साल की सजा
विशेष अदालत का फैसला
नई दिल्ली: जयपुर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कार्रवाई का प्रभाव अब अदालत के निर्णय में भी स्पष्ट हो गया है। जयपुर जोनल यूनिट द्वारा की गई जांच में 42.380 किलोग्राम अफीम तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने दो आरोपियों को 15-15 वर्ष की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बाड़मेर के आरोपियों की गिरफ्तारी
बाड़मेर के दो आरोपी दोषी, ट्रक से 42.380 किलो अफीम बरामद
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस मामले) विनोद कुमार शर्मा की अदालत ने एनसीबी अपराध संख्या 04/2020 के तहत मल्ला राम और ऐडन राम, जो बाड़मेर के धीरासर, चौहटन के निवासी हैं, को दोषी ठहराया। यह मामला 22 जनवरी 2020 का है। एनसीबी को मिली सूचना के आधार पर, जयपुर के राजाधोक टोल प्लाजा पर एक ट्रक को रोका गया, जिसमें से 42.380 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। उस समय मल्ला राम और ऐडन राम ट्रक में मौजूद थे। जांच में पता चला कि यह अफीम मणिपुर के सेनापति से जालौर, राजस्थान ले जाई जा रही थी।
अदालत में शिकायत और सजा
जांच पूरी कर शिकायत दाखिल, अदालत ने धारा 8/18 व 8/25 के तहत दोषी करार दिया
एनसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जांच पूरी की और अदालत में संबंधित धाराओं के तहत शिकायत प्रस्तुत की। जब्त की गई अफीम को उचित प्रक्रिया के तहत गोदाम में रखा गया, जबकि जब्त वाहन की नीलामी भी की गई। अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद दोनों आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/18 और 8/25 के तहत दोषी ठहराया। इसके बाद, उन्हें 15 वर्ष की कठोर सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
एनसीबी का बयान
एनसीबी का बयान, नशा मुक्त भारत अभियान जारी, सूचना के लिए 1933 नंबर
एनसीबी ने कहा कि यह निर्णय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जांच और अभियोजन की प्रभावशीलता को दर्शाता है। एजेंसी ने नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने और 'नशा मुक्त भारत' के राष्ट्रीय अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कार्रवाई जारी रखने का आश्वासन दिया। एनसीबी ने आम जनता से नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन, भंडारण या तस्करी से संबंधित जानकारी साझा करने की अपील की है। सूचना देने के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क किया जा सकता है, और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।