झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का दोषी ठहराए गए, सजा पर सुनवाई शनिवार को
पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर सीएनटी एक्ट का उल्लंघन
रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 15 साल पुराने सीएनटी एक्ट उल्लंघन मामले में दोषी पाया गया है। शुक्रवार को अदालत ने एनोस एक्का और उनकी पत्नी सहित दस व्यक्तियों को इस मामले में दोषी ठहराया। वहीं, एक अन्य आरोपी गोवर्धन बैठा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत में 30 अगस्त को सजा के मुद्दे पर सुनवाई होगी।
अजय दयाल- सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के पूर्व एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो को दोषी ठहराया है। एनोस एक्का पर आरोप है कि उन्होंने अपने मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते पर आदिवासी भूमि की खरीद-बिक्री की। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भूमि की खरीद की गई थी। एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर रांची के हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल भूमि की खरीद की गई थी। ये सभी खरीद मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थीं।