तमिलनाडु में विजय की ऐतिहासिक जीत: क्या है नई सरकार का भविष्य?
तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार था। अभिनेता से नेता बने विजय अब राज्य की सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं। कई दिनों की राजनीतिक चर्चाओं और सहयोगी दलों के समर्थन के बाद, तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने बहुमत हासिल कर लिया है। यह बदलाव खास है क्योंकि लगभग सात दशकों के बाद, तमिलनाडु में कोई गैर-डीएमके और गैर-एआईएडीएमके सरकार बनने जा रही है।
डीएमके का बड़ा निर्णय
डीएमके के प्रवक्ता ए. सरवनन ने बताया कि पार्टी प्रमुख एम.के. स्टालिन ने संवैधानिक संकट से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि लंबे विचार-विमर्श के बाद, डीएमके ने अपने सहयोगियों को टीवीके का समर्थन देने के लिए राजी किया। सरवनन ने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय राज्य की राजनीतिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
कांग्रेस पर डीएमके की टिप्पणी
डीएमके प्रवक्ता ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मिली पांच सीटें, दरअसल, डीएमके कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम थीं। सरवनन ने कहा कि कांग्रेस ने पहले डीएमके गठबंधन से अलग होकर टीवीके को समर्थन दिया, लेकिन उसकी चुनावी सफलता के पीछे डीएमके का मजबूत संगठन था।
विजय को बहुमत कैसे मिला?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसने 108 सीटें जीती थीं। हालांकि, बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़े से वह पीछे रह गई थी। बाद में विजय को एक सीट छोड़नी पड़ी, जिससे टीवीके की संख्या 107 हो गई। इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा के दो-दो विधायकों ने टीवीके को समर्थन दिया, जिससे गठबंधन का आंकड़ा 116 तक पहुंच गया।
राज्यपाल से मुलाकात और शपथ ग्रहण
विजय ने बहुमत साबित करने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने टीवीके विधायक दल के नेता चुने जाने का पत्र सौंपा और सहयोगी दलों के समर्थन पत्र भी दिए। राज्यपाल ने इन दस्तावेजों की जांच के बाद विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया। उन्हें 13 मई या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहा गया है।
विजय रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह समारोह ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि राज्य की राजनीति में लंबे समय से डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा है।
नए दौर की शुरुआत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने कम समय में खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है। डीएमके के सहयोगी दलों ने स्पष्ट किया है कि वे बाहर से समर्थन देंगे, जबकि विजय ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।