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तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी: बिहार बंद के दौरान छात्रों के समर्थन में उठी आवाज़

बिहार में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के समर्थन में आयोजित बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस घटना के बाद कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। तेज प्रताप ने छात्रों की मांगों को उचित बताया और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने की बात कही। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और बिहार की राजनीति में बढ़ते तनाव के बारे में।
 

पटना में तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी


पटना: बिहार में NEET पेपर लीक के मामले में छात्रों के समर्थन में आयोजित बिहार बंद के दौरान जन शक्ति जनता दल (JSJD) के नेता तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रात में कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद तेज प्रताप यादव को बेउर सेंट्रल जेल में रखा गया, जहां वे अगले 14 दिनों तक रहेंगे।


बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन

शनिवार को पटना में NEET पेपर लीक के खिलाफ और छात्रों के समर्थन में कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बिहार बंद का आयोजन किया। इस दौरान तेज प्रताप यादव प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे और उनका समर्थन किया। पुलिस ने उन्हें डाक बंगला चौराहा के पास एक मॉल से हिरासत में लिया और बाद में दीघा थाना ले जाया गया।


प्रदर्शन में तनाव की स्थिति

बिहार बंद के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। कुछ जगहों पर पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और सड़कें जाम करने की घटनाएं भी देखने को मिलीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। तेज प्रताप यादव के खिलाफ गांधी मैदान थाने में मामला भी दर्ज किया गया है।


छात्रों के समर्थन में तेज प्रताप का बयान

गिरफ्तारी से पहले तेज प्रताप यादव ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह से उचित हैं और सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके अधिकारों के लिए हर संभव संघर्ष करने को तैयार हैं।


जमानत याचिका दाखिल करने की योजना

तेज प्रताप यादव के वकील ने जानकारी दी कि उनकी रिहाई के लिए सोमवार को अदालत में जमानत याचिका दायर की जाएगी। वहीं, पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें किन धाराओं में हिरासत में लिया गया है।


राजनीतिक बयानबाजी का दौर

जन शक्ति जनता दल की नेता वीणा मानवी ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद मामला शांत हो चुका था, तब तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है।