तेलंगाना में आवारा कुत्तों की हत्या: क्या चुनावी वादों का है हाथ?
तेलंगाना में आवारा कुत्तों की हत्या का मामला
नई दिल्ली: तेलंगाना में आवारा कुत्तों की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैदराबाद से लगभग 50 किलोमीटर दूर रंगा रेड्डी जिले के याचारम गांव में हाल ही में करीब 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया। यह घटना राज्य में पिछले कुछ समय से हो रही ऐसी घटनाओं की एक और कड़ी है, जिसने पशु प्रेमियों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में गांव के सरपंच, पंचायत सचिव और एक वार्ड सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की है।
याचारम गांव में कुत्तों की हत्या का विवरण
19 जनवरी को याचारम गांव में आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारने की शिकायत दर्ज की गई। स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकर्ता मुदावत प्रीति ने याचारम पुलिस स्टेशन में इस मामले की रिपोर्ट की। शिकायत में कहा गया कि लगभग 100 कुत्तों को जहर दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(a)(i) के तहत मामला दर्ज किया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस और स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद लगभग 50 कुत्तों की मौत की पुष्टि हुई है। शवों की खोज अभी भी जारी है, जिससे मृत कुत्तों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस का कहना है कि यह स्पष्ट है कि कुत्तों को पेशेवर तरीके से पकड़कर जहर दिया गया है।
राज्य में आवारा कुत्तों की हत्याओं का सिलसिला
यह घटना तेलंगाना में 6 जनवरी से शुरू हुई आवारा कुत्तों की हत्याओं का हिस्सा है। राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक लगभग 500 कुत्तों की हत्या की खबरें आई हैं। हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में करीब 300 कुत्तों की हत्या के आरोप में दो महिला सरपंचों और उनके पतियों समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कामारेड्डी जिले में भी लगभग 200 कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया है, जहां पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों पर कार्रवाई की गई है। इन सभी घटनाओं में जहर या जहरीले इंजेक्शन का उपयोग किया गया है।
क्या यह चुनावी वादों से जुड़ा मामला है?
जांचकर्ताओं को संदेह है कि दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान कुछ उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों के आतंक को समाप्त करने का वादा किया था। सत्ता में आने के बाद इन्हीं वादों को पूरा करने के लिए स्थानीय नेताओं या सरपंचों ने ऐसी कार्रवाई की। पशु कल्याण कार्यकर्ता इसे क्रूरता और अवैध मानते हैं।
पशु प्रेमियों का आक्रोश
पशु अधिकार संगठन और कार्यकर्ता इन घटनाओं की कड़ी निंदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करने के लिए वैकल्पिक उपाय जैसे स्टेरलाइजेशन और वैक्सीनेशन अपनाए जाने चाहिए, न कि हत्या। पुलिस जांच जारी है और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।