दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल: क्या है इसके पीछे का कारण?
दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का ऐलान
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में 21 मई से ट्रांसपोर्टरों द्वारा तीन दिन की हड़ताल शुरू होने जा रही है। अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति टैक्स (ईसीसी) में वृद्धि और पुराने वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ यह कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस हड़ताल का असर दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई चेन और माल परिवहन पर पड़ सकता है।
68 परिवहन यूनियनों का समर्थन
एआईएमटीसी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर की 68 से अधिक परिवहन यूनियनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है। संगठन का कहना है कि दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा लागू किए जा रहे नए नियम ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और लाखों ड्राइवरों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
ईसीसी शुल्क में वृद्धि का विरोध
हाल ही में, दिल्ली में वाणिज्यिक वाहनों पर लगाए जाने वाले पर्यावरण नियंत्रण शुल्क (ईसीसी) में वृद्धि की गई है। 19 अप्रैल से हल्के वाणिज्यिक वाहनों और दो-धुरी ट्रकों पर यह शुल्क 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, तीन-धुरी और भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने इस शुल्क में हर साल 5 प्रतिशत की वृद्धि को भी मंजूरी दी है, जिसके खिलाफ ट्रांसपोर्ट यूनियन लगातार विरोध कर रही हैं।
बीएस-4 वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध
सीएक्यूएम ने 1 नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 और उससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह निर्णय वाहन प्रदूषण को कम करने और गैर-जरूरी ट्रैफिक को एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ने के उद्देश्य से लिया गया है।
एआईएमटीसी के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा, "इन उपायों से क्षेत्र में वाणिज्यिक वाहन संचालन पर निर्भर ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों के लिए गंभीर सामाजिक-आर्थिक परिणाम होंगे।" उन्होंने यह भी कहा, "बीएस-4 वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध का तर्क हमारी समझ से परे है। ये प्रतिबंध केवल पंजीकरण श्रेणी पर आधारित हैं और वैज्ञानिक रूप से इनका कोई औचित्य नहीं है।"
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
एआईएमटीसी ने स्पष्ट किया है कि यह तीन दिन की 'प्रतीकात्मक' हड़ताल होगी, लेकिन यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।
इस बीच, नितिन गडकरी ने कहा है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ चर्चा के बाद इस मुद्दे का समाधान निकलने की उम्मीद है।