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दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून की देरी: जानें मौसम का हाल और भविष्यवाणियाँ

दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून के आगमन में देरी हो सकती है, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसकी गति धीमी हो गई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में राजधानी में अत्यधिक गर्मी की संभावना नहीं है। 23 जून के बाद मॉनसून की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच, प्री-मॉनसून बारिश ने गर्मी को कम किया है, लेकिन देशभर में सामान्य से कम बारिश की चिंता बनी हुई है। जानें और क्या कहता है मौसम विभाग।
 

दिल्ली में मॉनसून का इंतजार जारी


नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को मॉनसून के आगमन के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मॉनसून की गति धीमी हो गई है, जिससे इसके आने में देरी होने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले कुछ दिनों में राजधानी में अत्यधिक गर्मी की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने हल्की बारिश और तेज हवाओं की भविष्यवाणी की है।


23 जून के बाद मॉनसून की सक्रियता

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मॉनसून कमजोर स्थिति में है और इसकी प्रगति सामान्य से धीमी है। यह फिलहाल बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों तक ही पहुंचा है। अनुमान है कि 23 जून के बाद मॉनसून फिर से सक्रिय होगा और आगे बढ़ेगा, जिससे दिल्ली में भी इसके आगमन में थोड़ी देरी हो सकती है।


दिल्ली में मौसम रहेगा सुहावना

राजधानी के निवासियों के लिए अच्छी खबर है कि अगले सप्ताह मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रहने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना फिलहाल कम है।


बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने 22 जून तक दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।


प्री-मॉनसून बारिश से मिली राहत

उत्तर भारत के कई क्षेत्रों, जैसे कि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में हाल के दिनों में हुई बारिश को प्री-मॉनसून गतिविधि माना जा रहा है। इस बारिश ने गर्मी को कम किया है और लोगों को राहत प्रदान की है।


बारिश में कमी बनी चिंता

इस मौसम में देशभर में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो जैसे वैश्विक मौसमीय प्रभावों के कारण इस बार मानसूनी बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि, आने वाले दिनों में मॉनसून की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है।