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दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के लिए संपत्ति अधिकारों की नई पहल: 'दृष्टि' परियोजना का आगाज

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए संपत्ति अधिकारों की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने 'दृष्टि' परियोजना को मंजूरी दी है। 65 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य पीएम-उदय योजना के कार्यान्वयन को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को तकनीकी सुधार से अधिक महत्वपूर्ण बताया, जो अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों को उनके अधिकारों की कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगी।
 

नई दिल्ली में संपत्ति अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम


नई दिल्ली: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में निवास करने वाले लाखों परिवारों के लिए संपत्ति अधिकारों की प्राप्ति की प्रक्रिया में अब तेजी आने वाली है। केंद्र सरकार ने 'दृष्टि' नामक एक नई परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 65 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित सर्वे और मानचित्रण की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पीएम-उदय योजना के कार्यान्वयन को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 'दृष्टि' परियोजना केवल तकनीकी पहल नहीं है, बल्कि यह अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले योग्य परिवारों को उनके घर और संपत्ति के अधिकार दिलाने में मदद करेगी। इस परियोजना के तहत दिल्ली के सभी 13 जिलों में पीएम-उदय प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे, साथ ही मुख्यालय में एक विशेष शाखा भी बनाई जाएगी।


65 करोड़ रुपये का बजट, केंद्र से 52 करोड़ का योगदान


इस परियोजना की कुल लागत 65 करोड़ रुपये है, जिसमें से 52 करोड़ रुपये आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे। शेष 13 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना का कार्यान्वयन राजस्व विभाग के जिम्मे होगा।


आधुनिक सर्वे और सटीक मानचित्रण


'दृष्टि' परियोजना के तहत जियोस्पेशियल तकनीक का उपयोग करते हुए आधुनिक सर्वे और मानचित्रण प्रणाली विकसित की जाएगी। इससे पीएम-उदय योजना से संबंधित संपत्तियों का सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस तकनीक के माध्यम से संपत्तियों की पहचान और रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।


दिल्ली के 13 जिलों में पीएम-उदय का विस्तार


इस परियोजना के अंतर्गत दिल्ली के सभी 13 जिलों में पीएम-उदय प्रकोष्ठ और मुख्यालय में शाखा स्थापित की जाएगी। ये प्रकोष्ठ स्थानीय स्तर पर योजना के कार्यों को गति देने में मदद करेंगे। पीएम-उदय योजना का मुख्य उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले योग्य निवासियों को उनके आवास और संपत्ति पर स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है।


मुख्यमंत्री का बयान: हक और सम्मान दिलाना प्राथमिकता


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम-उदय योजना केवल संपत्ति से जुड़े कागजात देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को उनके अधिकारों की कानूनी सुरक्षा प्रदान करने का एक माध्यम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 'दृष्टि' परियोजना के माध्यम से संपत्तियों के सर्वेक्षण और मानचित्रण का कार्य अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प के अनुरूप दिल्लीवासियों को उनके अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।